भाजपा और मोदी जी के गुजरात मॉडल का सच, जहरीली शराब पीने से 40 घंटे में गयी 13 लोगो की जान

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सूरत, कहने के लिए तो गुजरात में देश की आज़ादी के बाद से ही शराब पर पाबन्दी है मगर ये सभी जानते है कि गुजरात में शराब का अवैध कारोबार वर्षो से धड़ल्ले से चलता आ रहा है। इस गोरखधंधे पर मोदी जी भी लगाम न लगा पाये इसका कारण कहीं सरकार को चढ़ने वाला चढ़ावा तो नहीं।

गुजरात सरकार भी इस गोरख धंधे से अनजान नहीं है। ऐसे में ये प्रतीत होता है की पाबन्दी सिर्फ सरकारी फाइलों तक सीमित रह गई है।

सरकारी मशीनरी के रहमो करम के तले चलने वाले इस शराब के कारोबार ने गुजरात के सूरत में महज 40 घंटो के भीतर 13 लोगो की जाने ले ली है जबकि कई लोग अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे है।

सवाल ये है कि इन 13 लोगो की मौत का जिम्मेदार कौन है???

जहाँ शराब पर बरसों से पाबंदी है। वहां शराब कहाँ से मिल रही है और कहाँ बन रही है???

क्या ये सब गुजरात की पुलिस और वहां के नेताओं की मिली भगत से शराब का काल धन्धा चल रहा है???

सूरत जिले का वरेली गाँव जहाँ पिछले 40 घंटो में 13 लोगो की मौते हो चुकी है जिनमे एक महिला भी शामिल है। करीबन एक लाख की आबादी वाले इस वरेली गाँव में हो रही आकस्मिक मौतों को लेकर चर्चा का केंद्र बन गया है।

महज 40 घंटो में हुयी 13 लोगो की मौत के बाद अचानक प्रशासन कुम्भकर्ण की नींद से जाग गया है और यहाँ हो रही मौतों को रोकने के लिये हाथपाँव मार रहा है। शांति देवी जो अभी 4 महीने पहले ही उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से अपने पति संजय चौहान के साथ रोजी रोटी की तलाश में सूरत जिले के वरेली गाँव में आयी थी।

शांति देवी अपने पति संजय चौहान के साथ यहाँ एक किराये के मकान में रह रही थी , शांति देवी अपने तीन बच्चों को गाँव में ही छोड़कर इसलिए आयीं थी कि पति की नौकरी कही शुरू हो जायेगी तो वो बाद में बच्चों को भी बुला लेंगी मगर शांति देवी की किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, शांति देवी का पति संजय शराब पीने का आदी था।

9 सितम्वर की शाम को शराब पीकर घर आया तो घर में ऐसा सोया कि दुबारा उठा ही नहीं और वो जहरीली शराब के नशे में हमेशा हमेशा के लिए सो गया। ये बात खुद कपड़ा मिल में मजदूरी करने वाले मृतक संजय चौहान की पत्नी शांति देवी कह रही है।

सूरत के ही वरेली गाँव में शराब पीने से मरने वाला सिर्फ संजय चौहान अकेला नहीं है बल्कि अब तक इस गाँव में 13 लोग अपनी जान गवां चुके है जिनमें एक महिला भी शामिल हैं।

इस गाँव में 13 लोगो की मौतें यूँ तो जहरीली शराब पीने से ही हुयी है मगर मरने वालो की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आनी बाकि है।

ये दूसरी तस्वीर है मनोज शाहू नामक लड़के की वो भी 8 सितंबर की रात को जहरीली शराब की भेंट चढ़ गया है। मनोज के रिश्तेदार बताते है कि वो कही से कच्ची देशी शराब पीकर आया था उसके बाद उसकी अचानक तबियत ख़राब हुई और वो मर गया ।

गाँव वालो में दहशत , प्रशासन अब हुआ सतर्क !

सूरत जिले के कड़ोदरा थाना अंतर्गत आने वाले इस वरेली गाँव में एक तरफ 40 घंटे में हुयी 13 मौतों को लेकर ग्रामीण लोग दहशत में है तो दूसरी तरफ अब पुलिस घर घर जाकर शराब के लिए तलाशी अभियान चला रही है।

शराब को लेकर पुलिस द्वारा शुरू किये गए इस तलाशी अभियान को एक मजाक ही मान रहे है क्योंकि ये उसी थाने की पुलिस है जो हफ्ता वसूली कर थाना क्षेत्र में वर्षो से खुलेआम शराब का कारोबार करवाती आ रही है। मसलन लोग अच्छी तरह समझ रहे है कि तलाशी अभियान के नाम पर पुलिस की सिर्फ ये खाना पूर्ति ही है ।

वरेली गाँव की इस घटना के बाद प्रशासन ने गाँव में चारो तरफ फैली गंदगी पर दवा का झिड़काव शुरू कर दिया है ताकि महामारी न फैले और स्वास्थ्य विभाग की टीम को घर घर भेजकर ये पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कही किसी और घर में कोई बीमार तो नहीं है या कोई नशा तो नहीं करता है।

स्वास्थय विभाग की टीम ने किसी भी रोगी के नही मिलने की बात कही है तो सूरत के इंचार्ज कलेक्टर और डीडीओ के.राजेश मृतको की पीएम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे है।

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