एक तरफ मृत बच्चों के लिए पूरा देश रो रहा था तो दूसरी तरफ योगी समेत तमाम मंत्री हंस रहे थे, देखें !

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इलाहाबाद : उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर में सरकारी हॉस्पिटल में पांच दिनों के भीतर 60 से अधिक बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में हुई इतनी बड़ी घटना से बेफिक्र सीएम योगी आदित्यनाथ घटना के दिन गोरखपुर पहुंचने के बजाय इलाहाबाद में एक कार्यक्रम में थे। यह कार्यक्रम इलाहाबाद के नैनी में एक निजी कॉलेज में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में सीएम योगी के अलावा केंद्रीय जल संसाधन और गंगा सफाई मंत्री उमा भारती, केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पेयजल मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और राज्य के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मौजूद थे।

लोग बोले भाजपा नेताओं का यह खिलखिलाता चेहरा मजाक बना रहा है मृतक बच्चों का –

इस कार्यक्रम की फोटो केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने अपने फेसबुक पेज पर डाली है। लेकिन कार्यक्रम की फोटो देखकर इस पर बवाल मच गया है। इस फोटो में उमा भारती और योगी आदित्यनाथ खिलखिलाते- हंसते नजर आ रहे हैं। लोगों ने सवाल उठाया है कि जिस दिन सीएम के संसदीय क्षेत्र में 60 से ज्यादा मासूम मर गए उस दिन भी भाजपा नेताओं और सीएम योगी का खिलखिलाना असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा है। सोशल मीडिया में लोग तो यह तक कह रहे हैं कि जिनके बच्चे नहीं वो क्या जानेंगे बच्चों का दर्द।

भाजपा का गोरखपुर कनेक्शन – 25 सालों से योगी सांसद हैं, 5 महीनो से मुख्यमंत्री हैं और 3 सालों से मोदी प्रधानमंत्री हैं !

गोरखपुर पिछले 25 सालों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चुनाव क्षेत्र है। पिछले 5 महीनो से वह मुख्यमंत्री हैं और मोदी के रूप में देश के प्रधानमंत्री भी भाजपा के ही है ,पर फिर भी आज तक गोरखपुर विकास के उच्चस्तरीय मामले में खरा नहीं उतरा। यहाँ जो भी विकास हुआ वो यूपी की पिछली सरकारों में हुआ। जबकि गोरखपुर में लगातार बीमारी से होती मौतों पर ना प्रधानमंत्री मोदी ने कोई संवेदनशीलता दिखाई और ना ही मुख्यमंत्री योगी ने,अगर CM योगी को गोरखपुर की जरा सी भी फ़िक्र होती तो पांच महीने का समय बहुत होता है एक मुख्यमंत्री के लिए स्वतंत्र रूप से कार्य करने के लिए, CM योगी मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर की इस मुख्य समस्या को तो जैसे भूल ही गए और अपने राजशाही को सुख भोगने लगे। गौरतलब है कि घटना ऑक्सीजन सप्लाई ठप होने की वजह से हुई। अस्पताल पर 68 लाख रुपये की बकायेदारी होने के बाद ठेकेदार ने सप्लाई देने से हाथ खड़े कर दिए थे। इस वजह से अस्पताल की ऑक्सीजन सप्लाई बाधित हो गई थी।

उमा भारती की बात पर खूब लगे बेशर्मी के ठहाके !

दरअसल, इस कार्यक्रम के दौरान अपने उद्बोधन को समाप्त करते समय सीएम योगी आदित्यनाथ ने उमा भारती को सुश्री उमा भारती कहने की बजाय श्रीमति उमा भारती कह दिया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने मंच के दूसरे छोर पर माइक पकड़कर कहा कि सीएम योगी जी अभी जो मेरे नाम के पहले श्रीमति शब्द लगाया है। उसके लिए पछतावा करने की जरूरत नहीं है क्योंकि जिस प्रकार से पुरुष अपने नाम के आगे श्री लगाते हैं। पहले इसी तरह महिलाएं भी श्रीमति लगाकर खुद का सम्मान करती थीं। ये तो खुशी की बाद है। वैसे भी श्रीमति लगा देने से मैं विवाहित थोड़े हो जाऊंगी। इसके बाद सभी लोग ठहाके लगाने लगे।

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