मोदी सरकार में पंगु हुआ चुनाव आयोग,EVM धांधली के बाद एक फोटो से 23 वोटर कार्ड बनाने का भंडाफोड़ !

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भाजपा शासित मध्य प्रदेश में सामने आये 60 लाख फर्जी मतदाता, एक फोटो से 23 वोटर कार्ड बनाये जाने का खेल सामने आने से चुनाव आयोग के होश उड़े !

भोपाल : भारत की मौजूदा सरकार में चुनाव आयोग पर लगातार उगलियाँ उठना जारी है, जहाँ हाल ही में संपन्न हुए उपचुनाव में EVM खराबी की शिकायतें बड़ी मात्रा में सामने आयीं हैं। वहीँ भाजपा शासित मध्य प्रदेश के भोपाल में एक पोलिंग बूथ पर 23 मतदाता ऐसे सामने आये हैं, जिसमे सभी 23 मतदाताओं की तस्वीर एक ही है। हालाँकि इन सभी 23 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में अलग-अलग हैं, पर एक ही फोटो के साथ कोई फौजिया के नाम से है तो कोई दिलीप और प्रकाश के नाम से वोटर लिस्ट में दर्ज है। यही फोटो आपको दूसरे पोलिंग बूथ पर भी 13 मतदाताओं के नाम पर लगी मिले तो आप क्या कहेंगे। यही नहीं, चुनाव आयोग की सरपरस्ती में एक मतदाता कार्ड नंबर चार मतदाताओं को बांटा गया है। हालाँकि एनडीटीवी न्यूज़ के द्वारा इस खबर को सामने लाने के बाद, चुनाव आयोग ने इस पर संज्ञान लेते हुए लिस्ट से खामियां दूर करने की बात कही है। दैनिक आज वेब पोर्टल ने यह खबर एनडीटीवी न्यूज़ से ली है।

बता दें कि भोजपुर विधानसभा के मतदाता केंद्र 245 में मतदाता कार्ड नंबर आईजेपी 3297140 वाले देवचंद इसी बूथ पर आईजेपी 3297249 से मुकेश कुमार हो गये। बूथ नंबर 270 में यही तस्वीर तीन अलग अलग नामों से है, पोलिंग बूथ नंबर 272 पर दो नाम से बूथ नंबर 273 में चार नाम से तो 275 में दो नाम से 276 में भीमसेन नाम से तो बूथ नंबर 280 में तीन अलग-अलग नामों से है।

भोजपुर पोलिंग बूथ नंबर 199 मतदाता कार्ड नंबर आईजेपी 3488426 नाम फौजिया खान, यही तस्वीर मतदाता कार्ड नंबर आईजेपी 3489499 पर प्रमिला के नाम से है। वैसे ये तस्वीर सिर्फ फौजिया और प्रमिला नहीं, हद इस बात की महिला की तस्वीर पर कार्ड प्रकाश और दिलिप सिंह के भी बने हैं। मतदान केंद्र नंबर 200 में भी यही फोटो 13 और जगहों पर है, अलग-अलग नाम से. यानी 36 मतदाता कार्ड एक ही फोटो से बने हैं।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस प्रकरण पर बोलते हुए चुनाव आयोग को एक बार फिर कठघरे में खड़ा कर दिया –

अखिलेश यादव ने कहा कि मोदी सरकार में चुनाव आयोग के साथ CBI,ED,IT जैसी हर सरकारी एजेंसी के काम-काज पर अंकुश लगा दिया गया है, आज भारत में इमरजेंसी से भी खतरनाक माहौल है। भारत का लोकतंत्र आज उसके रक्षकों तथा चौकीदारों से ही खतरे में है, EVM के बाद वोटर लिस्ट में सामने आयी धांधली एक चिंता का विषय है। अखिलेश ने कहा कि जब मध्य प्रदेश में कथित तौर पर 60 लाख फर्जी मतदाता हैं तो सोचिये पूरे देश में भाजपा ने कितने फर्जी मतदाताओं बनवाये होंगे, ये देश के लोकतंत्र के लिए घातक है।

वहीँ कांग्रेस का आरोप है कि इन दस्तावेजों का पुलिंदा वो दिल्ली लेकर जाएंगे क्योंकि प्रदेश में ऐसे 1-2 नहीं बल्कि 60 लाख फर्जी वोटर हैं जिसे सराकर ने प्रशासन की मदद से तैयार किया है। कांग्रेस प्रवक्ता मानक अग्रवाल ने कहा, ‘एक फोटो है, 40 लोग मतदान कर रहे हैं, उसमें भी पुरूष हैं, महिला भी है, पूरे मध्यप्रदेश में ये घोटाला हुआ है, हमें जो जानकारी है उसमें 60 लाख फर्जी वोट तैयार किये गये हैं, सारे कलेक्टरों का उपयोग किया गया है, उनको भाजपा ने माध्यम बनाया है।

बीजेपी भी कह रही है ऐसी लिस्ट की जांच हो और खामियां दूर की जाएं, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, ‘वोटर लिस्ट में गलती है तो उसका निराकरण हो लेकिन कहा जाता है कि वोटर लिस्ट ब्रेक नहीं हो सकता ये भी जांच का विषय है। इसमें सरकार या सरकारी अमले का लेना देना नहीं है, चुनाव आयोग को जांच करनी चाहिये’।

ऐसी लिस्ट सिर्फ एक विधानसभा नहीं बल्कि कई विधानसभा क्षेत्रों में मिली। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह ने कहा, ‘कुछ तस्वीरें पूर्व वर्षों से हैं, शायद अमले ने जब मतदाता पत्र में तस्वीर लगाने का काम किया तब उनके पास जो तस्वीर नहीं थीं, वहां एक जैसी तस्वीर चिपका दी. मुद्दा ये है ये नहीं होना चाहिये। हम लोग सूची निकाल रहे हैं, प्रयास कर रहे हैं कि हर जिले से वो चेहरे हटा सकें। पूरी प्रक्रिया में सबसे अहम बीएलओ है, कलेक्टर सुपरवाइज करेंगे ये फोटो कटेंगी।

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