मेरठ : गुस्साए दलित समाज ने लगाए योगी मुर्दाबाद के नारे,बोले- CM योगी ने किया बाबा साहेब का अपमान !

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मेरठ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को मेरठ पहुंचे। जहां उन्होंने खरखौदा में गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण करने के बाद शेरगढ़ी के पास मलिन बस्ती का दौरा करने गए। लेकिन योगी आदित्यनाथ को यह दौरा काफी महंगा पड़ा। हालाँकि ज्यादा भीड़ ना जुटने के कारण भी योगी का मेरठ दौरा फ्लाप शो साबित हुआ है जिसका मुख्य कारण भाजपा नेताओं में आपसी गुटबंदी मानी जा रही है ।

दरअसल मुख्यमंत्री योगी के निकलते ही लोगों ने उग्र होकर शराब की एक दुकान में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इतना ही नहीं लोगों ने योगी मुर्दाबाद के नारे भी लगाए और भाजपा के बैनर व पोस्टर फाड़कर उनमें आग लगा दी। इन लोगों का आरोप था कि योगी आदित्यनाथ दलित विरोधी हैं।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मेरठ शहर में शेरगढ़ नाम की एक दलित बस्ती में सीएम दौरा करने वाले थे। जिसे लेकर यहां बहुत तैयारी की भी गयी थी। लेकिन देखते ही देखते सीएम के स्वागत का माहौल लोगों के रोष और गुस्से में बदल गया।

दरअसल शेरगढ़ दलित बस्ती में घुसते ही भीमराव अंबेडकर की एक मूर्ति लगी है। परंपरा रही है कि कोई भी महत्वपूर्ण व्यक्ति जब इस बस्ती में आता है तो सबसे पहले अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण करता है और उसके बाद मोहल्ले में जाता है। योगी आदित्यनाथ ने ऐसा नहीं किया। इससे लोग नाराज हो गए, लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि अंबेडकर की मूर्ति को नजरअंदाज करके योगी ने उनके सबसे बड़े महापुरुष का अपमान किया है। इसको लेकर लोगों में काफी रोष है।

लोगों का गुस्सा इसलिए भी भड़क गया क्योंकि शेरगढ़ के लोग मुख्यमंत्री से मिलकर इलाके में शराब की दुकानें बंद कराने और जुए के अड्डों पर पाबंदी लगाने का अनुरोध करना चाहते थे। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि आसपास शराब की दुकानें खुलने से माहौल खराब हो गया है और सट्टे व जुए की वजह से लोग इसी में लगे रहते हैं। लोगों को उम्मीद थी कि योगी तत्काल इसके बारे में कोई ऐलान करेंगे।

लेकिन समय की कमी की वजह से योगी वहां कुछ खास लोगों से मिलकर निकल गए। इसे लेकर लोग भड़क गए और अपना गुस्सा पास में ही एक शराब की दुकान पर निकाला। लोगों ने इस दुकान में तोड़फोड़ कर दी। मामला बढ़ता देख डीएम व एसएसपी ने मौके पर पहुंच कर लोगों को समझाया, बुझाया और शांत किया।

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