चुनाव से पहले अखिलेश ने खेला मास्टर स्ट्रोक, बसपा, भाजपा और कांग्रेस में बढ़ेगी बेचैनी

0
47

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 2017 के चुनाव को देखते हुए आज सोमवार को अपना मास्टर स्ट्रोक खेल कर भाजपा, बसपा और कांग्रेस में बेचैनी पैदा कर दी है। दरअसल ब्राह्मण वोटों को साधने के लिए भाजपा, बसपा और कांग्रेस हाथ पेअर मार रहे हैं। जो मुख्यमंत्री अखिलेश ने दांव चला है उससे इन दलों में बेचैनी बढ़ना तय है।

सोमवार को अखिलेश सरकार का मंत्रीमण्डल विस्तार किया गया। चुनाव की दृष्टि से अहम मानते हुए इस मंत्रीमण्डल मंडल में अखिलेश ने ब्राह्मण चेहरों को प्रमुखता दी।

सरकार के आठवें मंत्रिमंडल विस्तार में अखिलेश ने कुल 10 लोगों को शपथ दिलाई, जिसमें तीन ब्राह्मण चेहरे शामिल थे। अखिलेश मंत्रिमंडल में गायत्री प्रसाद प्रजापति, शंखलाल मांझी, मनोज पांडेय, शिवकांत ओझा, रियाज अहमद, यासिर शाह, अभिषेक मिश्रा, जियादुद्दीन रिजवी, रविदास मेहरोत्रा और नरेंद्र वर्मा को शामिल किया गया है।

समाजवादी पार्टी ने बसपा प्रमुख मायावती और कांग्रेस के ब्राह्मण कार्ड के बाद आज ये फैसला लिया। बता दें की बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्र लगातार ब्राह्मणों के बीच कार्यक्रम कर उन्हें अपने पाले में लाने का प्रयास कर रहे हैं।

जबकि कांग्रेस ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को यूपी में सीएम चेहरे के रूप में उतारा है। नए विस्तार में तीन ब्राह्मणों को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने से इसे ब्राह्मणों के बीच पैठ बढ़ाने की कोशिशों के रूप् में देखा जा रहा है।

इस विस्तार से विधानसभा चुनाव से पहले जातीय संतुलन साधने की कोशिश की है। इस विस्तार में ब्राह्मण चेहरों मनोज पांडेय और शिवकांत ओझा को कैबिनेट में शामिल किया गया, जबकि अभिषेक मिश्रा का कद बढ़ाकर उन्हें कैबिनेट में लाया गया। कांग्रेस और बसपा के बाद यह समाजवादी पार्टी की विधानसभा चुनावों के मद्देनजर ब्राह्मणों को अपनी ओर आकर्षित करने की बड़ी रणनीति है।

इनके अलावा जियाउद्दीन रिजवी, रियाज अहमद और यासिर शाह के रूप में तीन मुस्लिम और गायत्री प्रजापति, नरेंद्र वर्मा और शंखलाल मांझी के रूप में तीन ओबीसी चेहरों को शामिल किया गया है।

Loading...