साइकिल के बिना भी अखिलेश-प्रियंका की जोड़ी साथ लड़ेगी उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव !

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अखिलेश और कांग्रेस के बीच गठबंधन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं,अभी हाल ही में अखिलेश-प्रियंका के बीच कई दौर की मुलाकातें हुयी है जिसका रिजल्ट सकरात्मक है। कांग्रेस ने यह भी बता दिया है की अगर अखिलेश के पास साइकिल चुनाव निशान नही भी रहता है तब भी हमारा गठबंधन बना रहेगा। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के खातें में लगभग 90 सीटें जा सकती हैं जिसपर दोनों ही ओर से आम सहमति बन गयी है।

अखिलेश और कांग्रेस के बीच गठबंधन के लिए कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ कई दौर की बैठक कर चुके हैं।

गठबंधन की खबरों को मजबोती तब मिली जब प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने खुले मंच से ये ऐलान किया कि वैसे तो हम पूर्ण बहुमत की सरकार बना रहे हैं,अगर कांग्रेस के गठबंधन हुआ तो हम 300 सीट जीत सकते हैं

उत्तर प्रदेश में 27 सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस 2017 में सत्ता का सुख भोग सकती है इसकी वजह ये है कि कांग्रेस बेदाग़ छवि और विकास पुरुष की छवि के लिए प्रसिद्ध हो रहे अखिलेश यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुकी है। अगर कांग्रेस अखिलेश के साथ मिलकर लड़ेगी तो धर्म निरपेक्ष वोटों का बिखराव रुक जायेगा जिसका सीधा फायदा गठबंधन को मिलेगा।

कांग्रेस की तरफ से जो प्रस्ताव दिया गया है, उसमें पिछले विधानसभा चुनाव में जीती 28 सीटों के साथ ही ऐसी सीटें शामिल की गई हैं, जहां से कांग्रेस प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे थे। इसके अलावा 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान ऐसी विधानसभाएं जहां कांग्रेस नंबर एक की पोजीशन पर रही थी, इन्हें भी शामिल किया गया है। इन सभी को मिलाकर करीब 85 सीटें कांग्रेस की बन रही हैं। पता चला है कि रायबरेली और सहारनपुर की सीटों पर भी कांग्रेस दावा कर रही है, जिसे देखते हुए मांग 90 सीटों के करीब पहुंच रही है।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों गुलाम नबी आजाद से हुई चर्चा में अखिलेश को कांग्रेस की मांग से अवगत करा दिया गया है। माना जा रहा है कि एक से दो दिन में इस गठबंधन पर मुहर लग जाएगी।