निकाय चुनाव में भाजपा को घेरने के लिए अखिलेश यादव ने बनाया बड़ा प्लान !

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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव का खुमार अपने चरम पर है राजनीतिक दल चुनाव जितने के लिए जुगत भिड़ाने में लगे हैं। इस बार का निकाय चुनाव दिलचस्प है। जहां भाजपा को साबित करना है कि उनके मुख्यमंत्री का क्रेज जनता में बढ़ रहा है। तो सपा के लिए भी ये चुनाव अहम है सपा साबित करना चाहेगी पिछले 8 महीने के शासन में प्रदेश की जनता ने भाजपा सरकार को नकार दिया है। सपा के लिए निकाय चुनाव की रानीति अखिलेश तय कर रहे हैं। जिसके लिए उन्होंने अपने बड़े नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां दे रखी हैं।

हालांकि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वो खुद प्रचार नहीं करेंगे। निकाय चुनाव में प्रचार की जिम्मेदारी उन्होंने अपने सिपहसालारों को दे रखी हैं। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, नेता प्रतिपक्ष राम गोविन्द चौधरी प्रमुख हैं। इसके अलावा सांसदों एवं पूर्व सांसदों और विधायकों एवं पूर्व विधायकों को भी लगा रखा है।

अखिलेश यादव योगी और मोदी के गढ़ में भाजपा को बुरी तरह से हराना चाहते हैं इसके लिए उन्होंने इन जिलों के विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी को प्रभारी बना दिया है। साथ ही उन्हें निर्देश भी दिए है कि मतदान में वक्त कम है लिहाजा वह पूरी मुस्तैदी के साथ जुट जाएं। इतना ही नहीं पूर्व सीएम ने इन तीनों जिलों के लिए पूर्व मंत्री व पूर्व सांसद को अलग से अलग-अलग जिलों का प्रभार सौंपा है। इस आशय का निर्देश प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम के हवाले से जिला व महानगर अध्यक्ष को रविवार की देर शाम प्राप्त हो गया है।

वाराणसी के जिला अध्यक्ष डॉ पीयूष यादव व महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी को वाराणसी, गोरखपुर और चंदौली का प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा चंदौली तथा वाराणसी के रामनगर पालिका परिषद की जिम्मेदारी पूर्व सांसद रामकिशुन यादव को सौंपी गयी है तो पूर्व पीडब्ल्यूडी राज्य मंत्री सुरेंद्र पटेल व पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ केपी यादव को संयुक्त रूप से वाराणसी का प्रभारी बनाया गया है। सुरेंद्र पटेल को गंगापुर नगर पंचायत की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने इन सभी प्रभारियों को साफ निर्देश दिया है कि चाहे वह नगर निगम के मेयर हों या पार्षद अथवा पालिका परिषद और नगर पंचायत के अध्यक्ष व सभासद प्रत्याशी हों सभी की जीत सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आप सभी की है। ऐसे में लगातार क्षेत्र से जुड़ कर रणनीति तैयार की जाए। प्रत्याशियों और पार्टी प्रदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं के साथ सामंजस्य स्थापित कर विपक्षियों की रणनीति को ध्वस्त करने की व्युहरचना तैयार की जाए।

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