अंधेरे सियासी दौर में अखिलेश यादव एक उजाले की तरह है, देखें किसने कही अखिलेश के बारे में ये लाइन !

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लखनऊ, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की लोकप्रियता दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। जहां प्रदेश का युवा उनमें देश का भविष्य देखता है तो दूसरी ओर प्रबुद्ध वर्ग भी अखिलेश यादव की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहा है। जहां युवा अखिलेश यादव की एक झलक पाने को बेताब रहता है तो वहीं प्रबुद्ध वर्ग भी अखिलेश यादव को दिल से चाहता है। जिसका नजारा कल यानि शुक्रवार को देखने को मिला।

शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के लिए यादगार दिन रहा जब राजनीति शास्त्र/धर्म और सुरक्षा विषयों के विद्वान प्रोफेसर अली खान ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलकर समाजवादी पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। अखिलेश यादव ने इनका पार्टी में आने का स्वागत किया तथा कहा कि इससे समाजवादी विचारधारा के प्रचार प्रसार में मदद मिलेगी और समाजवादी पार्टी की ताकत बढ़ेगी।

बता दें कि, प्रो0 अली खान कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से इतिहास में डॉक्ट्रेट और वर्तमान में अशोका यूनिवर्सिटी, हरियाणा में पोलिटिकल साइंस विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। सेंटर आॅफ साउथ एशियन स्टडीज, यूनिवर्सिटी आॅफ कैम्ब्रिज, यूके में भी उन्होंने शिक्षण कार्य किया। इन्होने खान महबूब तजी के 1857 पर आधारित उर्दू उपन्यास आगाज-ए-शहर का अनुवाद भी किया हैं।

अली खान के दक्षिण एशिया, मध्य पूर्व और अवध से सम्बंधित कई महत्वपूर्ण लेख बहुत चर्चित रहे हैं। उनके तमाम विषयों पर आलेख देश विदेश के प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं। अखिलेश यादव से मुलाकात के दौरान प्रो० अली खान ने कहा कि अंधेरे सियासी दौर में अखिलेश यादव एक उजाले की तरह है, मैं हमेशा समाजवादी पार्टी को ही आगे बढ़ाने का काम करूंगा। उन्होंने कहा कि शामे गम लेकिन खबर देती है सुबह ईद की फिर दिखेगी किस उम्मीद की। अली खान राजा महमूदाबाद जनपद सीतापुर के खानदान से है।

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