सपा में घमासान के सूत्रधार माने जा रहे अमर सिंह ने मीडिया के सामने खोला अपना मुंह, पढ़ें अमर वाणी

सपा में घमासान के सूत्रधार माने जा रहे अमर सिंह ने मीडिया के सामने खोला अपना मुंह, पढ़ें अमर वाणी

लखनऊ, समाजवादी पार्टी में मचे घमासान के सूत्रधार बताये जा रहे अमर सिंह ने महीनों से इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रहे लेकिन आज उन्होंने मीडिया के सामने अपना मुंह खोला और जमकर अपनी भड़ास निकाली। मीडिया के सामने बोलते हुए अमर सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई दी।

उन्होंने कहा कि कभी-कभी मौन सबसे बड़ा हथियार होता है लेकिन आज मैं वो मौन तोड़ रहा हूं। उन्होंने साफ किया कि मुझ पर लगाए गए सारे आरोप झूठे हैं। मैं खुद मुलायम सिंह और अखिलेश यादव में समझौता चाहता हूं। इस दौरान शिवपाल सिंह यादव भी उनके साथ मौजूद थे।

अखिलेश और शिवपाल यादव के बीच जारी तनातनी को लेकर अमर सिंह ने कहा, जिनके घर पर मुख्यमंत्री पले-बढ़े आज वह विरोधी हो गए। उन्होंने कहा जब अखिलेश 4 साल के थे तब से ही शिवपाल जी के यहां उनका लालन पालन हुआ। शिवपाल जी ने ये सोचकर उन पर निवेश नहीं किया था कि एक दिन वो मुख्यमंत्री बनेंगे। जब पिता के घर उनकी उत्पत्ति हुई शिवपाल उनके धर्मपिता रहे। उन्होंने मुझे अंकल कहा। अखिलेश की पूरी पढाई लिखाई और निजी जिंदगी में हमारा योगदान रहा है।

अमर सिंह ने इशारों ही इशारों में सपा के कई नेताओं पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैंने आज तक जो कुछ भी किया वह पार्टी के भले के लिए किया। अमर सिंह ने नाम लिए बिना कहा कि एक वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं जो ठीक से हिंदी भी नहीं बोल पाते हैं कहते हैं कि मैं यूपी में व्यापार करने आया हूं। मुख्यमंत्री बताएं कि क्या व्यापार किया है मैंने? एक कौड़ी का भी व्यपार किया हो तो बताएं। मैं चुनौती देता हूं उन्हें साबित करें अन्यथा ऐसे बयान देने वालों पर रोक लगे।

अमर सिंह यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा एक और नेता है जिनका मैं नाम नहीं लेना चाहता हूं उनको सर्वदलीय अनुभव है और वो मुझे भाजपा का एजेंट कह रहे हैं। अगर बीजेपी की विचारधारा से मेरा सामंजस्य होगा तो मैं उसमें समाहित होउंगा। मैं बैकडोर से जाकर राजनीत‌ि नहीं करता।

अमर सिंह ने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूं जिन व्यक्ति की वजह से ये सारा विवाद हुआ है वो सीएम के सबसे प्रबल समर्थक हैं। मुलायम जी का सम्मान बरकरार रहे और उस हिसाब से सुलह की कोई राह निकलती है तो हम और शिवपाल जी बिल्कुल समर्थन करेंगे।

बता दें कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चाहते हैं कि अगले तीन महीने वह राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहें, शिवपाल अध्यक्ष पद छोड़ें और अमर सिंह पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दें लेकिन मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव की बात मानने से इंकार कर दिया है।