गालीबाज बीजेपी भक्त को रविश कुमार ने दिया करारा जवाब, पढ़ें ये खबर !

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आदरणीय डॉ अनुभव द्विवेदी बीजेपी

मुझे आपका स्क्रीन शाट मिला है। आशा है आप फेक नहीं होंगे । यही आपकी ओरिजीनल पहचान है। वरना कोई बीजेपी का नाम लगाकर बीजेपी को बदनाम भी कर सकता है। वैसे आपकी एफ बी प्रोफ़ाइल से पता चलता है कि आप फेंकू नहीं हैं। आप भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा , बुंदेलखंड रीज़न के वाइस प्रेसिडेंट हैं । खजुराहो इंस्टीट्यूट ऑफ़ होटल एंड टूरिज़म मैनेजमेंट के सीईओ हैं।

आपका पोस्ट और उसके कमेंट में गोविंद द्विवेदी के विचार पढ़कर भारतीय संस्कृति पर गर्व हुआ। मुझे उम्मीद है गौरव की माँ यह कमेंट पढ़कर भारत माँ के मंदिर में मेरे नाम से फूल चढ़ाने गईं होंगी। मेरी हिन्दुस्तानियत पर शक करने वाला पाकिस्तानी ही हो सकता है। आप यह सर्टिफ़िकेट देना बंद करें। गाली देने और भीड़ को झूठी बातों पर उकसाने की जो राजनैतिक ज़िम्मेदारी दी गई है, उसे मत निभाइये। आपका इस्तमाल हो रहा है। हर पार्टी ऐसे लठैत रखती है। मगर उनका राजनैतिक भविष्य नहीं बनने देती हैं। आप बेशक बीजेपी में रहे और पूरे हक के साथ राजनीति कीजिये और चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने की दावेदारी कीजिए। ट्रोल से आप बाहुबली ही बनेंगे, नेता नहीं। आप मेरे लिए अपना भविष्य ख़राब मत कीजिये। आप लाख कोशिश करेंगे फिर भी आपकी पार्टी पब्लिक में आपका पक्ष नहीं लेगी कि आपने मेरा नंबर सार्वजनिक कर अच्छा काम किया है। गोविंद अगर आपके साथ पार्टी में है तो उसके पक्ष में कोई सामने नहीं आएगा।

आपने मेरा नंबर सार्वजनिक कर मेरी बात को साबित किया है कि ट्रोल कुछ और नहीं, गुंडों का राजनीतिकरण और सामाजिकरण है। आपने अपने नाम के बाद बीजेपी लगाया है जो दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद में यक़ीन करती है। द्विवेदी हैं आप इसलिए भी आपको उपाध्याय जी को पढ़ना चाहिए। मेरी बात आप ही साबित कर रहे हैं कि राजनीतिक ट्रोल राजनीतिक दल के गुप्त कारख़ाने में पैदा होता है जिसे आप जैसे मूर्ख लोग ख़ुद ही उजागर कर देते हैं।
आप बीजेपी नाम लगाकर अपनी पार्टी को बदनाम मत कीजिये। दुनिया को लगेगा कि आप लोग मुझसे घबराते हैं, इसलिए पूरी पार्टी मुझ अकेले से लड़ रही है। मैं किसी भी राजनीतिक दल की ऐसी हार कभी नहीं चाहूंगा। आपकी पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ता से मैं नहीं लड़ सकता, न ही उनके फोन उठा सकता हूँ । बस इतना कह दीजिये कि आप लोग मुझसे घबराते हैं। पसीने छूटते हैं । मैं हार मान लूँगा। वैसे भी करोड़ों लोगों से अकेला रवीश कुमार कैसे जीत सकता है। पूरी दुनिया में ग़लत मेसेज जाएगा कि करोड़ों कार्यकर्ता एक पत्रकार से डरते हैं । उसे अकेला देखकर मारने की सोचते हैं, गाली देते हैं. लगता है हार गए । इससे भारत की शक्ति का मज़ाक उड़ेगा। मैं सुपर पावर बनने की चाह रखने वाले अपने भारत की प्रतिष्ठा के लिए हार स्वीकार करता हूँ । जापानी लोग कहेंगे कि सुपर पावर इंडिया की पार्टी रवीश कुमार से डरती है। अब आप मौज कीजिये। सत्ता मिली है, लोगों की सेवा कीजिये । एन्जवाय भी कीजिए। आप लोग डिज़र्व भी करते हैं ।

आपने दूसरे पोस्ट में मेरा नंबर सार्वजनिक किया है। एक भी फोन नहीं आया । यहाँ तक कि मेरी @&$!! फाड़ने की बात करने वाले गौरव द्विवेदी ने अभी तक फोन कर गाली नहीं दी है। ये आपके प्रभाव की औकात है। ‘तत्काल भाई जी ‘ कमेंट करने वाले अरविंद शुक्ला जी ने भी कमेंट मार कर खानापूर्ति कर ली है। अभी तक फोन कर ‘व्यक्तिगत बातें’ नहीं की हैं।

जानते हैं क्यों लोगों ने गंभीरता से नहीं लिया ? क्योंकि आपकी पार्टी में भी सभ्य लोग हैं। उन्हें पता है, गाली देने वाले ये गुंडे वक़्ती ज़रूरत हैं। बाद में इन्हें चलता कर दिया जाएगा। नंबर सार्वजनिक कर मुझसे ‘ व्यक्तिगत बातें’ करने वाले पोस्ट के कमेंट में सत्यव्रत त्रिपाठी ने ठीक कमेंट किया है कि आप ग़लत कर रहे है। अगर आपकी पार्टी को यह पता चल गया कि आपके पोस्ट का ये रेस्पांस है तो आपको आज ही चलता कर देगी।

डॉ साहब वैसे आप पीएचडी वाले डॉक्टर हैं या आदमी वाले !

नोट: ट्वीटर पर मैं अपने प्रधानमंत्री मोदी जी से सीनियर हूँ । उनसे पहले वहाँ आया था । ब्लागर के मामले में भी मोदी जी से सीनियर हूँ । डॉ अनुभव द्विवेदी बीजेपी जी सोशंल मीडिया को गंदा मत कीजिये

आपका,
‘व्यक्तिगत बातों’ का बाप
रवीश कुमार

कृपया जवाब में किसी के लिए भी अपशब्दों का प्रयोग न करें ।