गोरखपुर नरसंहार – योगी सरकार का एक और झूठ आया सामने, देखें अब कौन सा झूठ बोला सरकार ने !

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BRD प्रिंसिपल आर.के मिश्रा बोले मैंने पहले ही दे दिया था त्यागपत्र –

लखनऊ, बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से गई 37 बच्चों की जान पर प्रदेश की योगी सरकार लीपापोती करने पर जुटी हुई है एक तरफ तो सरकार ये मानने को तैयार नहीं है कि बच्चों की जान ऑक्सीजन की कमी से गई है। अगर बच्चों की जान ऑक्सीजन की कमी से नहीं गई तो प्रिंसिपल को ससपेंड करने की बात क्यों कही गई।

जबकि मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल आरके म‌िश्रा ने सामने आकर बयान द‌िया है क‌ि निलंबन के पहले ही मैं त्यागपत्र दे चुका था। उन्होंने कहा, मासूम बच्चों की मौत की नैत‌िक ज‌िम्मेदारी लेते हुए मैं त्यागपत्र पहले ही ल‌िख चुका था। उन्होंने कहा क‌ि मैंने सीएम से बात करके ज‌िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की बात की थी लेक‌िन मुझे ये कहकर रोका गया था क‌ि अभी कमेटी बनाई गई है, जांच की र‌िपोर्ट आने तक इंतजार करो।

प्रदेश की योगी सरकार बच्चों की ह्त्या की जिम्मेदारी लेने से बच रही है और देश के फर्जी राष्ट्रवादी सोशल मीडिया में आरोप लगा रहे है कि ऑक्सीजन सप्लाई कम्पनी को अखिलेश सरकार ने ठेका दिया था जबकि जो कम्पनी पुष्प सेल्स ऑक्सीजन सप्लाई कर रही है उसे मार्च 2017 में बिना टेंडर पारित किए योगी सरकार ने ठेका दे दिया। जबकि उससे पहले सप्लाई करने वाली कम्पनी टेंडर कैंसिल किए जाने के बावजूद इमरजेंसी के समय में ऑक्सीजन सप्लाई की।

कुछ सोशल मीडिया में एक्टिव बीजेपी IT सेल के और फर्जी राष्ट्रवादी ये तर्क दे रहे हैं की जब इलाज आरक्षण (33%) वाले डॉक्टर करेंगे तो यही तो होगा। जबकि उन फर्जी राष्ट्रवादी और अंधभक्ति में लीन चाटुकारों को ये नहीं पता कि कॉलेज का प्रबंधन तिवारी शुक्ल और श्रीवास्तव जैसे स्वर्ण बिरादरी के गैर आरक्षण वाले डॉक्टरों के हाथ में है।

गोरखपुर मामले पर प्रधानमंत्री मोदी की जगह आया PMO का ट्वीट,नीतीश मामले तत्काल किया था ट्वीट !

वहीं गोरखपुर मामले पर प्रधानमंत्री भी नजर बनाए हुए हैं। पीएमओ के ट्व‌िटर हैंडल से ट्वीट क‌िया गया है क‌ि प्रधानमंत्री लगातार गोरखपुर क‌ी स्थ‌ित‌ि को देख रहे हैं। वह केंद्र और राज्य सरकार से लगातार संपर्क में हैं।

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