सपा की इस युवा जिला पंचायत अध्यक्ष के सामने औंधे मुंह गिरी भाजपा, जानें कौन है ये युवा नेत्री !

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वाराणसी, उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से समाजवादी पार्टी के नेताओं को टारगेट किया जा रहा है जो ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत पदों पर बने थे। भाजपा ने कई जिला पंचायत अध्यक्षों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जिनमें राम गोपाल यादव के करीबी विधायक हरिओम यादव के बेटे को जिला पंचायत अध्यक्ष पद से हटाया गया था। लेकिन पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर ने भाजपा के महारथियों को पानी पीला दिया।

समाजवादी पार्टी की युवा महिला जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर के खिलाफ भाजपा नेताओं द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव शुक्रवार को कोरम पूरा न होने के कारण खारिज कर दिया गया। जिससे सपा कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है।

जिला पंचायत भवन में पंचायत सदस्यों की बैठक के बाद शुक्रवार को मतदान होना था, लेकिन निर्धारित समय तक भाजपा का न तो कोई जिला पंचायत सदस्य पहुंचा और न ही विद्रोह की अगुवाई करने वाले नेतागण दिखाई पड़े।

जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर ने इस पर कहा कि यह सत्य की जीत है और षडयंत्रकारियों की हार हुई है। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। उन्होंने कहा कि अब हमारी पूरी कोशिश होगी कि वाराणसी का विकास तेज गति से हो। जिला पंचायत अध्यक्ष बनाये रखने के लिए अपराजिता ने कांग्रेस और सपा के जिला पंचायत सदस्यों को भी धन्यवाद दिया।

अपराजिता के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले भाजपा के नेताओं के साथ भाजपा विधायक डॉ. अवधेश सिंह और जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा का दावा था कि 48 सदस्यों वाले जिला पंचायत में 32 सदस्यों के समर्थन उनके पास हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ बीते 21 जून को भाजपा नेतृत्व अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस डीएम को देने के बाद से ही इस सीट पर सर के बल कड़ी हो गई अपराजिता को हराने के लिए लेकिन जिसका नाम ही अपराजिता है उसे कौन पराजित कर सकता है।

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