‘गोरक्षकों से लगता है डर, कहीं मेरी हत्या न कर दें’ – आजम खान ने शंकराचार्य की दी हुई गाय वापस लौटाई

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लखनऊ, केंद्र और राजस्थान में बीजेपी जी सरकार होते हुए गौ रक्षा के नाम पर बेगुनाह मुस्लिमों को मारा जा रहा है। कुछ दिन पहले राजस्थान से पालने के लिए गाय खरीद कर ले जा रहे मुस्लिम व्यक्ति की गौ तस्करी के नाम पर पीट पीट कर हत्या कर दी गई। अलवर कांड के बाद आज समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने भी अपनी हत्या हो जाने के डर का हवाला देते हुए मथुरा के शंकराचार्य द्वारा भेंट जी गयी गाय को वापस कर दिया।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य द्वारा भेंट में मिली गाय यह कहते हुए वापस लौटा दी कि उन्हें गोरक्षकों से डर लगने लगा है। ना जाने गोरक्षक गोहत्या के आरोप में उन पर हमला कर उनकी हत्या कर दें।

आजम खान ने शंकराचार्य को लिखे एक पत्र में कहा कि वर्तमान सरकार में मुस्लिमों में एक भय का माहौल है। पत्र में उन्होंने लिखा, ‘कोई भी स्वयंभू गौरक्षक मुझे या मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने के लिए उसे नुकसान पहुंचा सकता है या फिर इस खूबसूरत और लाभकारी गाय की हत्या भी कर सकता है।’

आजम खान ने कहा कि, राजस्थान के अलवर में जो हुआ उससे साफ संदेश जाता है कि कोई भी मुस्लिम गाय न पाले। उन्होंने कहा कि अलवर में पालने के लिए गाय ले जा रहे मुस्लिम युवक को गोरक्षकों ने पीट-पीट कर मार डाला।

गाय को वापस मथुरा भेजते समय आजम खान ने गाय के साथ किसी मुस्लिम को नहीं बल्कि पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमेंद्र सिंह को भेजा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों ने आंखें बंद कर ली हैं और उन्हीं के इशारों पर धर्म विशेष के लोगों पर अत्याचार किए जा रहे हैं।

बता दें कि 2015 में मथुरा दौरे के दौरान गोवर्धन के शंकराचार्य के सामने उन्होंने अपनी डेयरी में गाय रखने की इचछा जाहिर की थी, तब संत ने खान को काले रंग की यह गाय उपहार में दी थी। तभी से यह गाय और उसका बछड़ा आजम खान के तबेले में पल रहा था।