अवैध बूचड़खानों पर तलवार वैध बूचड़खानों से प्यार, वैध बीफ एक्सपोर्टरों से BJP को मिलता है करोड़ो का चंदा

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लखनऊ, इन दिनों बूचड़खानों पर बैन  लगाने की होड़ सी लगी है लेकिन उसपे एक शर्त लगाईं गयी कि बूचड़खाना वैध होगा तो कोई कार्यवाई नहीं होगी सिर्फ अवैध बूचड़खानों पर चाबुक चलेगी। उत्तर प्रदेश में सत्ता में आते ही बीजेपी ने प्रदेश भर में चल रहे अवैध बूचड़खानों पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। बीजेपी ने चुनाव प्रचार के दौरान प्रदेश की जनता से वादा किया था कि प्रदेश में सरकार बनते ही सभी यांत्रिक बूचड़खाने बंद करवाये जाएंगे जब अमित शाह ने ये भाषण दिया तब ये नहीं कहा था कि सिर्फ अवैध बूचड़खाने ही बंद होंगे।

यूपी की सत्ता में आते ही बीजेपी ने एक नया शिगूफा छेड़ा की वो उत्तर प्रदेश में चलने वाले अवैध बूचड़खानों को नहीं चलने देगी जिसके लिए सरकार बनने के अगले दिन से ही अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए कि प्रदेश में चलने वाले अवैध बूचड़खाने बंद किये जायें। यूपी के सीएम ने खुद ये कहा कि वैध तरीके से चलने वाले बूचड़खानों को कोई दिक्कत नहीं होगी।

बीजेपी द्वारा छेड़े गए वैध और अवैध बूचड़खानों के शिगूफे के पीछे की सच्चाई ये है कि बीजेपी चाह कर भी सरकार द्वारा लाइसेंस धारक बूचड़खाने बंद नहीं करवा सकती है। इसके पीछे की एक बड़ी वजह ये भी है कि बीजेपी ने भारत से दुनिया भर में बीफ सप्लाई करने वाली कंपनियों से करोड़ों रूपये का चंदा खाया है। अवैध तरीके से चलने वाले बूचड़खाने ज्यादातर मुस्लिमों के है और सरकार द्वारा लाइसेंस लेकर चलाये जाने जाने वाले बूचड़खानों का सेटअप करने में करोड़ो रूपये का खर्च आता है।

करोड़ो रूपये खर्च करके बूचड़खाने खोलना किसी आम आदमी के बस की बात नहीं है ज्यादातर वैध बूचड़खाने बड़े बड़े बिजनेसमैन के हैं जो बीफ एक्सपोर्ट करके करोड़ों रूपये कमाते हैं और बीजेपी को चुनावी चंदा देते हैं।

देश की सत्ता पर काबिज बीजेपी की असलियत चुनाव आयोग की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी से सबके सामने आ पाई है वेबसाइट के मुताबिक बीजेपी ने बीफ निर्यात करने वाली कंपनियों से भी चंदा लिया है।

बीजेपी ने चुनाव आयोग को चंदा देने वालों की जो लिस्ट सौंपी है उसके मुताबिक साल 2014-15 में महाराष्ट्र की बीफ निर्यात करने वाली कंपनी फ्राइगोरीफिको अल्लाना प्राइवेट लिमिटेड ने 50 लाख रुपए का चंदा दिया है। कंपनी ने यह रकम चेक विजया बैंक, चेक नंबर- 846317 के जरिए दी है। 1986 में रजिस्टर्ड हुई इस कंपनी ने साल 2013-14 में भी 75 लाख का चंदा दिया था।

मामला यहीं तक नहीं रुका मुंबई के जिस पते से यह चंदा दिया गया है, उसी पते से दूसरी कंपनी इनडाग्रो फूडस लिमिटेड ने भी 75 लाख रुपए का चंदा बीजेपी को दिया है। इसके अलावा एक तीसरी कंपनी फ्राइगेरियो कॉनवेरवा अल्लाना लिमिटेड ने भी इसी साल पार्टी को 50 लाख रुपए का चंदा दिया है।

आपको बता दें किसी भी राजनीतिक दल को 20,000 हजार से ऊपर के चंदों की ही जानकारी देनी होती है। बीजेपी ने चुनाव आयोग को जो जानकारी दी है उसके मुताबिक साल 2014-15 में बीजेपी को कुल 437.35 करोड़ रुपए का चंदा मिला। यह रकम 2013-14 की तुलना में मिली रकम से 156% ज्यादा है।