बैलेट पेपर से हुए चुनाव में BJP की बुरी हार, 36 जिलों में सूपड़ा साफ, गजब की लहर है !

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लखनऊ, उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव में नगर निगम में 16 में से 14 मेयर जीतने की खबर को भाजपा और मीडिया ने जमकर प्रचारित कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की लहर चल रही है प्रदेश की जनता को योगी आदित्यनाथ पर भरोसा है। बता दें कि इन सभी नक़्गर निगमों में ईवीएम से चुनाव हुए और 16 नगर निगमों में से भाजपा ने 14 नगर निगमों में जीत दर्ज की। लेकिन एक खबर जो न तो भाजपा ने बताई और न ही भाजपा पोषित मीडिया ने बताई। वो ये कि जहां बैलेट पेपर से चुनाव हुआ वहां भाजपा को बुरी हार का सामना करना पड़ा है।

उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में जहां नगर पंचायत और नगर पालिका का चुनाव बैलेट पेपर से हुआ उनमें से 36 जिला मुख्यालयों पर भाजपा खाता नहीं खोल पाई है। यहां तक कि महोबा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के लिए लड़ी भाजपा प्रत्याशी की तो जमानत ही जब्त हो गई। महोबा के अलावा कई और जिलों में भाजपा की जमानत जब्त हुई है जिनमें कानपुर देहात, कौशाम्बी, बहराइच, फैजाबाद आदि मुख्य जिले हैं।

भाजपा की निकाय चुनाव में इसे बुरी हार्य इसलिए भी कहा जा रहा है क्योंकि आठ महीने पहले विधानसभा चुनाव में 33 जिलों में भाजपा के अलावा किसी दूसरी पार्टी का खाता नहीं खुल पाया था। अब जब आठ महीने बाद निकाय चुनाव हुए तो 36 जिलों में भाजपा का खाता ही नहीं खुल पाया। ये भाजपा के जीत के दावों की पोल खोलता है। अयोध्या में जहां मेयर पड़ पर भाजपा ने जीत हासिल की तो वहिं जिले की नगर पंचायतों में भाजपा का खाता भी नहीं खुल सका। बावजूद इसे योगी आदित्यनाथ और भाजपा की लहर कहा जा रहा है।

प्रदेश की सभी नगर पालिका परिषदों के परिणाम पर नजर डालें तो 198 में 38 से ज्यादा स्थानों पर भाजपा उम्मीदवार जमानत नहीं बचा पाए। इनमें केंद्रीय मंत्री उमा भारती की संसदीय सीट झांसी भी है, जहां तीन स्थानों पर भाजपा के अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों को जमानत गंवानी पड़ी। केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा के क्षेत्र गाजीपुर की जमनिया में भी भाजपा उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई।

केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के जिला मुख्यालय की सीट तो पार्टी हारी ही, इसी जिले की बीसलपुर सीट पर जमानत भी न बचा पाई। केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, कृष्णा राज, प्रदेश की मंत्री अनुपमा जायसवाल व मुकुट बिहारी वर्मा के यहां भी पार्टी हारी है। यहां तक कि साक्षी महराज भी अपने जिले उन्नाव मुख्यालय की सीट नहीं बचा पाए। गोंडा से कीर्तिवर्धन सिंह, एटा से राजवीर सिंह, सीतापुर से राजेश वर्मा, इटावा से अशोक दोहरे सहित कई सांसदों के जिला मुख्यालय की सीटें भी भाजपा हार गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छह जिलों में सात सांसदों और 26 विधायकों के होते हुए भी 73 निकायों में 62 में उसे हार का सामना करना पड़ा।

योगी आदित्यनाथ बसपा सुप्रीमो मायावती को चैलेंज कर रहे हैं कि वो अपने मेयरों से इस्तीफा दिलवा दें तो वो बैलेट पेपर से चुनाव करवा देंगे फिर देखते हैं कौन जीतता है। अब मायावती ने योगी आदित्यनाथ के चैलेंज को स्वीकारते हुए योगी को खुली चेतावनी दे दी है कि अगर भाजपा में हिम्मत है तो 14 मेयरों का इस्तीफा दिलवाए और वो 2 मेयरों का इस्तीफा दिलवाती हैं। फिर बैलेट पेपर से चुनाव करवा लो देखते हैं कौन जीतता है। योगी आदित्यनाथ ने बड़बोलेपन में मायावती को चैलेंज कर तो दिया पर अब मायावती द्वारा चैलेंज स्वीकार करने पर क्या वो मायावती का चैलेंज स्वीकारेंगे या फिर हवा हवाई बाते करेंगे। वैसे रामभक्त योगी आदित्यनाथ कितने बड़े रामभक्त हैं देखने वाली बात होगी।

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