केशव और शाह के करीबी भाजपा के उप कोषाध्यक्ष की कंपनी अवैध खनन के घेरे में, भाई पर मुकदमा !

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लखनऊ, समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान अवैध खनन के नाम पर हो हल्ला मचाने वाली भारतीय जनता पार्टी के नेता अवैध खनन के मामले मवीं फसते जा रहव हैं। भाजपा विधायक के बाद भाजपा के उप कोषाध्यक्ष का नाम भी अवैध खनन में सामने आ रहा है।

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में बालू के अवैध खनन के मामले में प्रदेश भाजपा के उप कोषाध्यक्ष और आगरा के पूर्व उप मेयर नवीन जैन के भाई और कंपनी पीएनसी इन्फ्राटेक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक प्रदीप जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

जैन बंधू आगरा के निवासी है। प्रदीप जैन पर आरोप है कि उन्होंने सोन नदी में सीमेंट के ह्युम पाइप डालकर नदी की धारा को रोक करके और भारी मशीनें लगाकर बालू का गैरकानूनी खनन कराया। गौरतलब है कि नवीन जैन पीएनसी इन्फ्राटेक में पूर्णकालिक निदेशक हैं ।

गौरतलब है कि सोन नदी बिहार और उत्तर प्रदेश की मुख्य नदी है नदी की जल धारा रोकने से बिहार झारखंड और पूर्वी यूपी के तक़रीबन 40 जिलों में पानी का अभूतपूर्व संकट पैदा हो गया था।

केशव और शाह के करीबी हैं जैन बंधु

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद में सोन नदी को बांधकर बालू का अवैध खनन किये जाने के मामले में मीडिया में खबर छापे जाने के बाद राज्य सरकार नींद से जागी है। एक तरफ जहाँ सोन नदी पर बालू खनन के लिए बनाए गए अस्थायी पुल को तोड़ने के आदेश दिए गये हैं वही दूसरी तरफ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के बेहद नजदीकी माने जाने वाले नवीन जैन और प्रदीप की कंपनी के खिलाफ कारवाई करते हुए प्रदीप जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।

पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रवीण कुमार यादव ने जानकारी दी है कि खनिज विभाग की तहरीर पर ही प्रदीप जैन के खिलाफ अवैध खनन का मुकदमा कराया गया है इनके खिलाफ धारा 4/21 खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम 1957 व उत्तर प्रदेश उप खनिज परिहार नियमावली 1963 के तहत कारवाई की जा रही है।

यूपी में 868 करोड़ का मिला है ठेका

महत्वपूर्ण है कि पिछले वर्ष पीएनसी इन्फ्राटेक को उत्तर प्रदेश में 868.5 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना का ठेका मिला था। कंपनी राष्ट्रीय राजमार्ग-29 पर वाराणसी-गोरखपुर मार्ग को चार लेन का किए जाने की परियोजना का काम कर रही है। पिछले वर्ष अप्रैल माह में पीएनसी के आगरा स्थिति कार्यालय पर आयकर की छापेमारी भी हुई थी।

आयकर विभाग ने नासिक की कंपनी अशोक बिल्ड कॉम में सर्च किया था। यह पाया गया कि अशोक बिल्ड कॉम और पीएनसी के बीच आर्थिक लेने-देन हुआ है। यह धनराशि करोड़ों में बताई जा रही है। पीएनसी ने अशोक बिल्ड कॉम को सब ठेका दिया था। लेन-देन के इन्हीं कागजों का सत्यापन किया गया।। पीएनसी ने देश में तमाम हाईवे बनाए हैं। टोल टैक्स की वसूली भी कंपनी कर रही है।

Input From Patrika

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