पिछले 10 साल में BJP की संपत्ति में 625 प्रतिशत का इजाफा, देखें दूसरी पार्टियों की कितनी ग्रोथ हुई !

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नई दिल्ली, देश की इकॉनमी की ग्रोथ की रफ़्तार कुछ पॉइंट्स में हो रही है मगर राजनीतिक दलों की संपत्ति में इतना इजाफा हुआ जिसे आप सोच भी नहीं सकते। अगर इतनी ही ग्रोथ देश की इकॉनमी में हो जाए तो देश की गरीब जनता का कुछ भला हो जाएगा।

राजनितिक पार्टियों पर नजर रखने वाली संस्था इलेक्शन वॉच की ताजा रिपोर्ट ने ऐसा खुलासा किया है जिसे देश की जनता को जनाना बहुत जरूरी है। संस्था द्वारा जारी किए गए ताजे आंकड़ों के मुताबिक पिछले 10 साल में बीजेपी की संपत्ति में 625 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है।

देश की राष्ट्रीय पार्टियों की संपत्ति का ग्राफ राजधानी एक्सप्रेस की रफ्तार से बढ़ रही है तो वही बीजेपी की संपत्ति बुलेट ट्रेन की रफ्तार से बढ़ रही है। पिछले 10 सालों में राजनितिक पार्टियों की संपत्ति में जबरदस्त इजाफा हुआ है। चुनावी खर्च पर काबू पाने की बहसों के बीच नई खबर ये है कि राजनीतिक दलों की संपत्ति बड़ी तेजी से बढ़ रही है।

पिछले 10 सालों में सात बड़े राष्ट्रीय दलों की कुल संपत्ति 530 फीसदी बढ़ गई है। 2004-05 में इन दलों की औसत संपत्ति 61.62 करोड़ थी, जो 2015-16 में 388.45 करोड़ रुपये हो गई। सबसे ज्यादा इजाफा बीजेपी की संपत्ति में हुआ। 2004-05 में बीजेपी के पास 122.93 करोड़ रुपये थे, जो 2015-16 में 893.88 करोड़ हो गए यानी 627.15% बढ़ोतरी।

इस दौरान कांग्रेस की संपत्ति भी 167.35 करोड़ से बढ़कर 758.79 करोड़ तक पहुंच गई यानी करीब 353 फीसदी बढ़ोतरी। इलेक्शन वॉच का कहना है कि राजनीतिक दलों की संपत्ति का हिसाब रखने का भी पूरा इंतजाम हो।

उसकी सिफारिश है कि हर तीन साल में राजनीतिक दलों के ऑडिटर बदले जाएं, क्योंकि एक पार्टी से किसी एक ऑडिटर का लंबे समय तक जुड़े रहना ठीक नहीं है। सीएजी की तरफ से तय अकाउंटेट से ही ऑडिटिंग कराई जाए। यही नहीं, हर राजनीतिक दल हर साल ऑडिटिंग कराए।

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