BJP पर अखिलेश का बड़ा हमला कहा – BJP है बबूल का पेड़, तो इस पर आम कहाँ से आएंगे – देखें वीडियो !

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आगरा : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि दोनों ही सरकारें हर मोर्चे पर फेल साबित हुई हैँ। उन्होंने कहा कि भाजपा का हर अभियान फुस्स हो गया है फिर चाहे स्वच्छता हो, एंटी रोमियो हो,महिला सुरक्षा हो,अपराध नियंत्रण हो,किसान कर्ज माफ़ी हो या गड्ढा मुक्त सड़कें हो प्रदेश के लोगों के लिए यह सब सिर्फ कल्पनाएं रह गई हैं। हर जगह गंदगी है, कानून-व्यवस्था ध्वस्त है,अपराधी और बलात्कारी बेख़ौफ़ होकर मस्त हैं । अखिलेश यादव सड़क हादसे में मृतकों के परिवारीजनों को सांत्वना देने नगरिया गांव आए थे।

पिछले माह जलेसर में हुए सड़क हादसे में आगरा के डौकी थानान्तर्गत गांव नगरिया के 15 लोगों की मौत हो गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को हादसे में मारे गए लोगों के परिवारीजनों से मिलने आए थे। उन्होंने मृतकों के परिवारों को पार्टी फंड से दो-दो लाख रुपए सहायता का एलान किया, मीडिया से बात करते हुए अखिलेश ने केंद्र और प्रदेश सरकार की बखिया उधेड़ी। सबसे पहला हमला स्वच्छ भारत अभियान पर बोला, उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इस अभियान में देश की जनता का अरबों रूपये सिर्फ विज्ञापन और अन्य कार्यकर्मों में ही खर्च कर दिया गया और सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही हुई तथा यह अभियान पूरी तरह फेल हो गया है। पूरे देश में सड़क किनारे कूड़े के ढेर लगे हैं,खाली प्लाटों में कूड़ा भरा पड़ा है। खेतों में गंदगी के अंबार लगे हैं। वहीं प्रदेश सरकार का गड्ढा मुक्त सड़क और एंटी रोमियो अभियान भी फुस्स हो गया है।

उन्होंने सवाल दागा कि- क्या इसी को अच्छे दिन कहते हैं ? अखिलेश ने भाजपा पर व्यंग्य कसते हुए कहा कि अब इस पार्टी से किसी भी तरह की उम्मीद करना व्यर्थ है। यह बबूल के पेड़ पर आम की कल्पना करने जैसा है। सपा सुप्रीमो ने कांग्रेस और राहुल गांधी से दोस्ती बरकरार रखने का भी एलान किया। वे बोले कि उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी जाएगी। जबकि बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ बिहार में 27 को विशाल रैली करेंगे। नगरिया के बाद अखिलेश एक्सप्रेस-वे के रास्ते लखनऊ लौट गए।

गुजरात में बंटे समाजवादी बस्तों पर भी बोलै हमला –

गुजरात में अखिलेश के फोटो लगे बस्ते बांटे जाने के सवाल पर पहले तो अखिलेश मुस्कराए और कहा कि – इससे साबित हो गया है कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार ने सबसे अधिक विकास किया है। तभी वहां समाजवादी बस्तों का वितरण किया गया है। देश में सर्वाधिक तरक्की वाला प्रदेश उत्तर प्रदेश रहा है। अब यह गुजरात को भी पता चल गया है।

जिसने भाजपा को बहकावे में आकर वोट दिया वही सबसे ज्यादा पीड़ित और परेशान है –

जीएसटी पर सवाल का जवाब देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारियों ने देश भर में भाजपा को वोट दिया और कई राज्यों में सरकारें बनवाईं। अब व्यापारियों का ही सबसे ज्यादा उत्पीड़न हो रहा है। उसे सड़क पर उतरकर संघर्ष करना पड़ रहा है। वहीँ यूपी के साथ पूरे देश में व्यापारी ही सबसे ज्यादा निशाने पर है तथा व्यापारियों के साथ लूट, हत्या, डकैती हो रही हैं। तमाम जघन्य हत्याकांड खुल ही नहीं पाए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को कर्जमाफी के नाम पर सिर्फ धोखा दिया –

अखिलेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों का कर्जा माफ करने का एलान पूरे देश के सामने किया था और बाद में यूपी सरकार और प्रधानमंत्री मोदी अपने वादे से मुकर गए, अब फिर झुनझुना पकड़ा दिया है। कुल मिलाकर किसानों को कर्ज माफ करने के नाम पर धोखा दिया गया है। जबकि सपा सरकार में किसानों के लिए कई योजनाएं चलाई गई थीं। इन योजनाओं को अब बंद कर दिया गया है।

कमांडों ने धकियाए पूर्वमंत्री और जिलाध्यक्ष, कार्यकर्ताओं ने फिर की धक्का-मुक्की, अखिलेश हुए नाराज !

पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर, जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव को पूर्व सीएम तक पहुंचने के लिए एनएसजी कमांडो के धक्के खाने पड़े। अखिलेश और दोनों नेताओं के बीच कमांडो बाधा बने रहे। पूर्व सीएम ने डा. राजेन्द्र सिंह को बुलाकर हालचाल लिए। वरिष्ठ नेता रामजीलाल सुमन के अलावा कोई और नेता उनके पास नहीं जा सका। महानगर अध्यक्ष रईसुद्दीन, गनेश यादव, राजपाल यादव, ममता टपलू, अभिनव शर्मा, पप्पू राघव, सौरभ गुप्ता, निर्वेश शर्मा, राहुल चतुर्वेदी, पप्पू यादव, शैलेश यादव, राकेश धनगर, शाहनवाज अख्तर,लाल सिंह लोधी,अनूप यादव साथ में रहे।

सपाई जैसे ही अपने नेता अखिलेश को देखते हैं तो अपने अधिक जोश के चलते व्यवस्था को बिगाड़कर धक्का-मुक्की का माहौल हमेशा की तरह उत्पन्न कर देते हैं,इसीलिए अखिलेश के साथ फोटो खिंचाने, करीब जाने और शकल दिखाने की होड़ में धक्का-मुक्की का रिवाज नगरिया में भी चला। पदाधिकारियों की परवाह किए बगैर कार्यकर्ता पूर्व सीएम के करीब जाने की कोशिश करते रहे। मीडियाकर्मियों को भी परेशानी हुई। इस पर अखिलेश यादव ने मीडिया को अपनी कार के करीब बुलाकर बात करनी चाही। यहां भी कार्यकर्ता पहुंच गए। एक बार फिर धक्का-मुक्की हुई। पूर्व सीएम इससे काफी नाराज से दिखाई दिए।

 

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