“सइयां भये कोतवाल अब डर काहे का” हंगामा बीजेपी नेता ने किया, निलंबित हुआ थाना प्रभारी

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लखनऊ, “सइयां भये कोतवाल तब डर काहे का” ये कहावत तो आप सब ने सुनी ही होगी ऐसा ही कुछ नजारा उत्तर प्रदेश की गलियों और शहरों में देखने को मिल रहा है। जहाँ भगवाधारी थाना पुलिस एसएसपी आवास तक को अपना निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं। इनके आतंक का आलम ये है कि यूपी पुलिस जो प्रदेश की जनता की रक्षा करती थी आज खुद की रक्षा के लिए लाचार है। कब कौन भगवाधारी थाने पर आ धमके और मारपीट गाली गलौच करने लगे। कब किसी विधायक और नेता का फोन आ जाए और जान से मारने की धमकी देने लग जाए। कब कोई सांसद एसएसपी आवास में सैकड़ों भगवाधारी गुंडों के साथ आ धमके और तोड़फोड़ करने लगे।

“सइयां भये कोतवाल तब डर काहे का” ऐसा ही कुछ इस मामले में प्रतीत होता दिख रहा है। जिसमें भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष मेघश्याम गौतम से मारपीट के मामले में मथुरा के एसएसपी मोहित गुप्ता ने केशवधाम चौकी प्रभारी पवन अग्निहोत्री को ही निलंबित कर दिया है। एसएसपी के पीआरओ अजय यादव ने बताया कि रमणरेती चौकी प्रभारी राजकुमार को लाइन हाजिर किया गया है। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि योगीराज में भाजपा नेताओं की गुंडागर्दी का खामियाजा पुलिसवालों को क्यों भुगतना पड़ रहा है।

शनिवार की शाम एसएसपी के कैंप कार्यालय पर भाजयुमो के प्रदेश महामंत्री कुंवर सिंह निषाद के नेतृत्व में भाजपाई पहुंचे थे। उन्होंने वृंदावन में भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष मेघश्याम गौतम से मारपीट के मामले में दरोगाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद कुंवर सिंह गरम हो गए और बातचीत के बीच बहस हो गई। इससे एसएसपी ने कुंवर सिंह निषाद को सदर थाने भिजवा दिया।

भाजयुमो नेता को पुलिस कस्टडी में लिए जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं का हुजूम सदर थाने पर उमड़ पड़ा। भीड़ को देखते हुए प्रदेश महामंत्री कुंवर सिंह निषाद को नजरबंद कर लिया गया। ज्यादा भीड़ बढ़ती देख रात 10:30 बजे भाजयुमो नेता को थाना जमुनापार ले जाया गया। आधी रात को कुंवर सिंह की भाजयुमो जिला पदाधिकारियों ने थाने पर ही जमानत कराई। इसके बाद एसएसपी ने केशवधाम चौकी प्रभारी पवन अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया।

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