भाजपा विधायक के गुंडों (बेटे और भतीजे) का आतंक, ग्राम प्रधान को तमंचे की बट से मारा, पुलिस ने पीड़ित को जेल में डाला !

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photo patrika

कासगंज, उत्तर प्रदेश में भाजपा नेताओं और उनके गुर्गों की गुंडागर्दी चरम पर है। आए दिन भगवा गुंडे गुंडागर्दी करते नजर आते हैं कभी किसी लड़की को छेड़ते हैं तो कभी किसी दरोगा को पीटते हैं तो कभी दलितों के साथ मारपीट करते हैं। ऐसा ही एक मामला कासगंज जिले से सामने आया है जहां भाजपा विधायक के गुंडों ने ग्राम प्रधान को पीटा और पुलिस ने उल्टा प्रधान के खिलाफ ही कार्यवाही कर दी।

कासगंज में भाजपा विधायक के बेटे और भतीजों की दबंगई का मामला सामने आया है। गांव में तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने के लिए मना करने पर विधायक पुत्र और भतीजों ने ग्राम प्रधान और उसके भाई को तमंचों की बटों से पीट दिया। बीचबचाव को आई एक वृद्धा पर भी तमंचा तान दिया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने विधायक की कार में तोड़फोड़ कर दी। आरोपी युवक फायरिंग करते हुए फरार हो गए।

सूचना देने पर घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने घायल युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। हैरानी की बात यह कि पुलिस ने इस मामले में घायल प्रधान और उसके भाई को ही जेल भेज दिया। जबकि विधायक पुत्र और भतीजों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

घटना मंगलवार रात को कासगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव बांकनेर में हुई। कासगंज सदर के भाजपा विधायक देवेंद्र सिंह राजपूत के पुत्र और भतीजे दुष्यंत ने ग्राम प्रधान रविन्द्र और उसके भाई को तमंचों की बट से पीटा। पीड़ित ग्राम प्रधान के मुताबिक वो बाइक से जा रहा था, तभी टैम्पो ने हल्की टक्कर मार दी। इस पर प्रधान ने टैम्पो चालक से गांव में गाड़ी धीरे चलाने को कहा। इसी दौरान वहां स्कार्पियो कार से विधायक पुत्र और उनके भतीजे आए। ग्राम प्रधान का आरोप है कि बिना बात के ही विधायक पुत्र और उनके भतीजे उन्हें पीटने लगे। जब ग्रामीणों ने प्रधान की पिटाई करते देखा तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए और वे मौके पर पहुंच गए। बीचबचाव करने आई बुजुर्ग महिला के सिर पर इन लोगों ने तमंचा तान दिया। जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने विधायक की कार में तोड़फोड़ कर दी।

घटना की सूचना मिलते पर कोतवाल रिपुदमन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायल प्रधान के भाई को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हैरत की बात यह कि इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घायल ग्राम प्रधान समेत तीन लोगों गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस घटना पर पुलिस के अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

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