4 साल में कोई विकास न हो पाने बीजेपी सांसदों की हालत खराब, कैसे मांगेंगे जनता से वोट हो रहे परेशान !

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लखनऊ, 2014 के लोकभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 में से 73 सांसद भाजपा और उसके सहयोगियों के चुनाव जीते जिनमें से कई सांसद केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं बावजूद इसके उत्तर प्रदेश में कोई भी विकास कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है जिससे भाजपा के सांसदों की हालत खराब है। करीब 4 साल बीत जाने के बाद अब ये सांसद जागे हैं और इन्हें चिंता सत्ता रही है कि सरकार के बचे हुए समय में भी अगर ऐसा ही रहा तो वो जनता के बीच किस मुंह से वोट मांगने जाएंगे।

2019 का चुनाव जैसे – जैसे करीब आ रहा है भाजपा सांसदों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। चुनाव का बिगुल बजने से पहले अब वह विकास की योजनाओं को धरातल पर दिखाने के लिए बेचैन हैं ताकि यही विकास की योजनाएं लेकर वो जनता के सामने वोट मांगने जाएं। इसी परेशानी को लेकर मंगलवार को भाजपा के तकरीबन 27 सांसद लखनऊ में पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम से मुलाकात करेंगे। समस्याएं दूर कराने की मांग करेंगे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वांचल के एक सांसद ने कहा कि 2014 से केन्द्र में हमारी सरकार है, मगर हम रेलवे से जुड़ी छोटी छोटी समस्याओं का समाधान नहीं करा पाए हैं। रेल मंत्रालय से कहा जाता है कि, फंड रिलीज़ हो गया है। काम रेलवे को करना है और रेलवे अधिकारी कहते हैं कि, फाइल तैयार है बस काम शुरू करना है। 4 साल पूरे होने वाले है हम जनता से किस बात को लेकर वोट मांगने जाएंगे।

रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि 16 लोकसभा सांसद और 10 राज्यसभा सांसद ने सामूहिक तौर पर मिलने का समय मांगा है। कल इनकी मुलाकात डीआरएम से होगी। पीआरओ आलोक कुमार का कहना है कि, ये रेलवे की आंतरिक मीटिंग है , इसमें मीडिया को इनवाइट नहीं किया गया है।

फैजाबाद-गोंडा के सांसदों का कहना है कि पार्टी की ओर से जो वादे किये गए थे, उसका ड्राफ्ट और उसका फंड केन्द्र सरकार से बनने के बाद जारी किया गया। रेलवे द्वारा काम नहीं करने की वजह से क्षेत्र में दुश्वारी होती है। हम लोगों ने गोंडा के मनकापुर में इंटरसिटी एक्सप्रेस, काठगोदाम एक्सप्रेस, गोरखधाम एक्सप्रेस के ठहराव को लेटर 2014 में ही दिया था, मगर इस पर आज तक अमल नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि, सात स्थानोंं पर फुटओवर ब्रिज का प्रस्ताव 2014 में दिया था, केंद्र से बजट जारी कर दिया गया, काम शुरू नहीं हुआ। सरयू एक्सप्रेस को फेजाबाद से बढ़ाकर गोंडा तक चलाने का प्रस्ताव अभी तक लंबित है। इलाहाबाद, बनारस, से सीधा कनेक्शन नहीं है, इस पर भी काम नहीं हो रहा है। फैजाबाद, अयोध्या स्टेशन गंदगी से पटा पड़ा है मगर कोई पूछने वाला नहीं है। रेल अधिकारी सुनते ही नहीं।

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