देश को मोदी सरकार का सच बताने वाले गोल्ड मेडलिस्ट फौजी तेज बहादुर यादव की सजा शहीदी होगी या नौकरी जाएगी !

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किसी सैनिक के लिए दुश्मन की गोली का सामना करने से ज्यादा साहस का काम है अपने अफसरों के अत्याचार और जुल्म के खिलाफ आवाज उठाना। मुझे भारी आशंका है कि तेज बहादुर यादव की नौकरी जा सकती है, या जल्द ही उसे दुश्मन की गोली से मरा दिखा दिया जाएगा !

बीएसएफ जवान तेजबहादुर यादव ने सेना के अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए देश में सनसनी फैला दी है। जवान का आरोप है कि हड्डियों को गला देने वाली ठण्ड में 11 घंटे खड़े रहते हुए नौकरी करने वाले जवानों को ढंग का खाना नहीं मिलता है।

जवान ने सुबह नाश्ते और दोपहर में दिए जाने वाले खाने का वीडियो बना कर सोशल मीडिया में अपलोड कर दिया जो देखते ही देखते वायरल हो गया। जवान ने दिखाया कि कैसे ऐसे मुश्किल हालातों में उन्हें थर्ड क्लास खाना दिया जाता है।

सुबह नाश्ते में जले हुए पराठे और चाय, खाने में पानी जैसी पतली दाल और रोटी,दाल ऐसी जिसमें नाम मात्र की दाल होती है बाकी पानी और हल्दी का घोल होता है। जवान ने आरोप लगाया कि जवानों को जो राशन भेजा जाता है उसे बड़े अधिकारी बाजार में बेच देते हैं और मुनाफ़ा कमाते हैं

जिस देश का प्रधानमंत्री अपने आपको देश का चौकीदार कहता हो और खाने में काजू के आटे की रोटी खाता हो उस देश की सुरक्षा में लगे हुए जवान को थर्ड क्लास खाना मिलता है।

विडियो बना कर देश की सेना के जवान ने बताया अपना दर्द —–

विडियो के जरिए बीएसएफ जवानों को मिलने वाली सुविधाओं पर सवाल उठाने वाले जवान तेज बहादुर यादव को अब दूसरी यूनिट में भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि मेस कमांडर को छुट्टी पर भेजा गया है।

फौजी ने पिता को भी बताया था अपना दर्द —–


तेज बहादुर के पिता का बयान सामने आया है,जिसमें उन्होंने कहा “दिसंबर में तेज बहादुर घर आया था। उसने बताया था कि अब वो वहां नहीं रह सकता क्योंकि वहां खाना नहीं मिल रहा है।”

फ़ौज के अनुशासन नियमों पर लग रहा है प्रश्नचिन्ह !

जवान तेज बहादुर के आरोपों के बाद से बीएसएफ अधिकारी अब सिर्फ उस जवान की कमियां बता रहे है और यह बता रहे हैं की वो सनकी और अनुशासनहीन हैं किन्तु यह नही बता रहे है कि अगर वो गलत था तो अब तक कार्यवाही क्यों नही की गयी। क्या यही फ़ौज का अनुशासन है ? या यह कहा जाये की बीएसएफ अधिकारी और भारत सरकार अब अपनी इज्जत बचने के लिए उस जवान को सूली पर चढाने से नहीं चुकेगी !

बीएसएफ अधिकारियों की विवादास्पद रिपोर्ट,जवान तेज बहादुर यादव को सूली पर चढ़ाने की तैयारी  !

सीनियर अधिकारियों का कहना है की यह जवान दिशा निर्देशों का पालन नहीं करता था, इससे पहले भी कई बार जवान ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर बंदूक तान दी थी। अधिकारियों ने कहा कि तेज बहादुर पर ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता के कई आरोप लगे हैं। साल 2010 में उसका कोर्ट मार्शल किया गया था। इस मामले पर बीएसएफ के डीआईजी एसडीएस मान ने कहा है कि बीएसएफ के जवान के वीडियो के बाद इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि उस जवान ने 20 साल के कार्यकाल में 4 बार बुरा बर्ताव किया और इसलिए उसे प्रमोशन भी नहीं मिला, हो सकता है कि इसी निराशा की वजह से उसने ये वीडियो बनाया हो। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जवान ने वीडियो में आरोप लगाया है कि खराब गुणवत्ता का खाना देकर उनके साथ ‘अत्याचार’ किया जा रहा है। यही नहीं, कई बार तो उन्हें खाली पेट भी सोना पड़ता है।

मामले में केंद्र सरकार के दखल के बाद बीएसएफ के अफसरों के लगातार बयान आ रहे हैं। मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बीएसएफ के आईजी डीके उपाध्याय ने कहा कि मामला बहुत गंभीर है और इस मामले की जांच होगी साथ ही सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बीएसएफ के डीआईजी के उलट बयान देते हुए कहा कि वो इस बात से समहत है कि खाने की गुणवत्ता उतनी अच्छी नहीं है जितनी होनी चाहिए लेकिन ये बात भी सच है कि इस मामले par पहले कभी किसी ने शिकायत नहीं की।

उन्होंने अधिक जानकारी देते हुए ये भी कहा कि वीडियो बनाने वाले जवान का कोर्ट मार्शल किया जा चुका है। जवान के परिवार का खयाल करते हुए उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने ये भी कहा कि अगर जवान फेसबुक पर वीडियो पोस्ट न करता और सीधे अपने अधिकारी से शिकायत करता तो अच्छा रहता है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी सवाल खड़ा किया कि ड्यूटी के दौरान जवानों को मोबाइल फोन इस्तेमाल करना मना है। तेज बहादुर ने ऐसा कैसे किया बीएसएफ इसकी भी जांच करेगा।

चार मिनट की अवधि वाले तीन अलग-अलग इन वीडियो को सोशल मीडिया पर बीएसएफ की 29वीं बटालियन के कांस्टेबल टीबी यादव (40) ने अपलोड किया है। वर्दी पहने और राइफल लिए कांस्टेबल यादव वीडियो में दावा कर रहा है कि सरकार उनके लिए जरूरी चीजें खरीदती है, लेकिन उनके वरिष्ठ और अधिकारी उन्हें ‘गैरकानूनी’ तरीके से बाजार में ‘बेच’ देते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है। वीडियो में कांस्टेबल यादव ने वह खाना दिखाया है जो कथित रूप से उसे परोसा जा रहा है।
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वह कहता है, ‘नाश्ते में हमें बिना अचार या सब्जी के सिर्फ पराठा और चाय मिलती है.. हमें 11 घंटों तक कठिन परिश्रम करना पड़ता है और कई बार तो पूरी ड्यूटी के दौरान खड़े ही रहना पड़ता है। दोपहर के खाने में, हमें रोटी के साथ ‘दाल’ मिलती है जिसमें सिर्फ हल्दी और नमक ही होता है। ऐसी गुणवत्ता का खाना हमें मिल रहा है.. एक जवान कैसे अपनी ड्यूटी कर सकता है? मैं प्रधानमंत्री से जांच की मांग करता हूं.. कोई हमारी मुश्किलों को नहीं दिखाता। यह हमारे खिलाफ अत्याचार और अन्याय है।’

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘उचित कार्रवाई’ के आदेश दिए हैं!

तेज बहादुर यादव का कहना है कि यह वीडियो शूट करने और अपलोड करने की वजह से उसके खिलाफ शायद कड़ी कार्रवाई की जाएगी और वह शायद यहां नहीं रह पाएगा। उसने लोगों से अनुरोध किया कि वह इस मुद्दे को आगे बढ़ाएं ताकि सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।वीडियो सामने आने के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, ‘बीएसएफ जवान की मुश्किल वाला वीडियो मैंने देखा है। मैंने गृह सचिव से कहा है कि वह तुरंत बीएसएफ से रिपोर्ट मांगे और उचित कार्रवाई करें।’ बीएसएफ ने भी वीडियो पर संज्ञान लिया और आधिकारिक ट्विटर एकाउंट से ट्वीट कर बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

इसके अलावा उपमहानिरीक्षक (डीआइजी) स्तर के एक अधिकारी को उस जवान की तैनाती वाली जगह पर भेजा गया है जो वहां पहुंच भी गए हैं। बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नियंत्रण रेखा पर तैनात बल के जवान सेना की ऑपरेशनल कमांड में काम करते हैं और वही उन्हें खाना और अन्य चीजें मुहैया कराते हैं। हालांकि, खाना बनाने और अन्य प्रशासनिक कार्य बीएसएफ ही करता है।तेज बहादुर यादव चार बार दंडित हो चुका है आरोप लगाने वाला जवान के उक्त अधिकारी ने बताया कि टीबी यादव 1996 में बीएसएफ में भर्ती हुआ था और उसे पूर्व में चार बार बड़े दंड दिए जा चुके हैं। अनुशासनहीनता के आरोप में उसे चेतावनियां भी जारी की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उसने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए भी आवेदन किया हुआ हैं।

BSF कैंप के आसपास के लोगों का दावा, ‘आधे दामों पर राशन, ईंधन बेचते हैं अधिकारी’ !

बीएसएफ के जवान तेज बहादुर यादव के खाने की खराब गुणवत्ता को लेकर जारी विडियो से देश में हंगामा खड़ा हो गया है। बीएसएफ ने अपनी प्राथमिक रिपोर्ट में इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है, हालांकि मामले की उच्च स्तरीय जांच जारी है। दूसरी तरफ एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। बीएसएफ कैंपों के आसपास रहने वाले लोगों का दावा है कि कुछ अधिकारी उन्हें फ्यूल और राशन का सामान मार्केट से आधे दाम पर बेचते हैं।
बीएसएफ के जवान तेज बहादुर यादव ने अपने विडियो में इस बात का जिक्र किया था। उन्होंने विडियो में दावा किया था कि सरकार राशन का पर्याप्त सामान भेजती है, स्टोर्स भरे पड़े हैं मगर अधिकारी सामान को सैनिकों तक नहीं पहुंचने देते और बाहर ही बेच देते हैं।
एक बीएसएफ जवान और श्रीनगर स्थित हुमहमा बीएसएफ हेडक्वॉर्टर के आसपास रहने वाले कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि एयरपोर्ट के आसपास रहने वाले दुकानदार, कुछ बीएसएफ अधिकारियों द्वारा बेचे जाने वाले ईंधन के प्रमुख खरीददार हैं। नाम न उजागर करने की शर्त पर एक बीएसएफ जवान ने कहा, ‘ये अधिकारी स्थानीय बाजारों में राशन और खाने-पीने की चीजें बेच देते हैं। हम तक सामान पहुंच ही नहीं पाता। यहां तक हमें हमारी दैनिक उपयोग की चीजें भी नहीं मिल पातीं और वे इन्हें बाहर अपने एजेंट्स के माध्यम से मार्केट में बेच देते हैं।’

इलाके के एक ठेकेदार ने बताया, ‘हमें मार्केट से आधे दाम पर हुमहमा कैंप के कुछ अधिकारियों से डीजल और पेट्रोल मिल जाता है। इसके अलावा राशन में चावल, मसाले, दाल और रोजमर्रा की चीजें भी बेहद कम दामों में मिल जाती हैं।’

इसके अलावा इलाके के एक फर्नीचर डीलर ने बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। उसके मुताबिक, ‘ऑफिस और बाकी सरकारी जरूरतों के लिए फर्नीचर खरीदने आने वाले अधिकारी हमसे मोटा कमीशन लेते हैं। उनका कमीशन हमारे मुनाफे से भी ज्यादा होता है। बीएसएफ में कोई ई-टेंडरिंग व्यवस्था नहीं है। अधिकारी आते हैं, अपना कमीशन लेते हैं और फर्नीचर खरीद लेते हैं। कई बार तो उन्हें फर्नीचर की क्वॉलिटी से भी ज्यादा मतलब नहीं होता है।’

यह हाल सिर्फ बीएसएफ का नहीं है। सीआरपीएफ के कुछ अधिकारियों का भी यही हाल है। श्रीनगर में एक महीने पहले तक बतौर आईजी (प्रशासन) तैनात रहे सीआरपीएफ के आईजी रविदीप सिंह साही ने कहा कि अगर सप्लाई में किसी तरह की गड़बड़ी है, तो वह इसकी जांच कराएंगे।

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