राज्यपाल ने महिला पत्रकार के गाल छुये, वहीँ भाजपा नेता बोले ‘आगे बढ़ने के लिए साथ सोना भी पड़ता है’ !

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देश की मोदी सरकार महिला सुरक्षा और उनके स्वाभिमान के लिए भले ही लम्बे-लम्बे भाषण दे रही हों, पर असल में महिलाओं का अपमान आज सबसे ज्यादा भाजपा नेता ही कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार भाजपा के करीब 65 माननीयों पर महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में केस दर्ज है, देश में भाजपा ही वो सबसे बड़ा दल है जिसके माननीयों पर इतनी बड़ी संख्या में आपराधिक केस हैं। बता दें कि कभी भाजपा नेता रहे और मौजूदा में राज्यपाल के संवैधानिक पद पर कार्य कर रहे बनवारीलाल पुरोहित जी का नाम हाल ही में एक विवाद में बड़ी जोरों पर चर्चा में रहा।

जंगलराज में कैसे बचेंगी बेटियां, कैसे बढ़ेंगी बेटियां ?

सेक्स-फॉर-डिग्री घोटाले में राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित का नाम उछलने के कारण एक महिला पत्रकार ने जब राज्यपाल महोदय से इस पर सवाल पूछा तो उन्होंने सिर्फ मुस्कराते हुए उस महिला पत्रकार के गाल पर अपना हाथ सहला/थपथपा दिया। एक महिला के साथ राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित के इस कृत्य से उनके खिलाफ लोगों में गुस्सा है । हालांकि इस मामले में राज्यपाल महिला पत्रकार लक्ष्मी सुब्रह्मण्यम से माफी मांग चुके हैं, लेकिन तमिलनाडु के भाजपा नेता एस. वीई. शेखर वेंकटरमण ने अपने फेसबुक पोस्ट से महिलाओं का अभद्र भाषा में अपमान करते हुए फिर से मामले को तूल दे दिया है। भाजपा नेता ने लिखा कि राज्यपाल को उस महिला को छूने के बाद ‘अपने हाथ फिनाइल से धोने चाहिए थे…’

इतना ही नहीं, एस. वीई. शेखर वेंकटरमण की पोस्ट में यहां तक कहा गया था, ‘हालिया शिकायतों से जाहिर है, वे (पत्रकार) रिपोर्टर और एंकर तब तक नहीं बन सकती हैं, जब तक वे बड़े लोगों के साथ सो न लें… अनपढ़ बेवकूफ भद्दे लोग… तमिलनाडु मीडिया में मोटे तौर पर यही हैं… यह महिला भी अपवाद नहीं है…” अब डिलीट की जा चुकी पोस्ट में कहा गया था कि महिला पत्रकार का उद्देश्य ‘राज्यपाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम करना था…’

मामला भड़कता देख एस. वीई. शेखर वेंकटरमण ने इस पोस्ट को अपने फेसबुक पेज से डिलीट कर दिया, लेकिन उन्होंने सभी महिला पत्रकारों को अपमान करने वाली अपनी पोस्ट के लिए काफी देर बाद माफी मांगी। गौरतलब है कि यूपी के एक भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर ने पहले अपने गुर्गों के साथ मिलकर लड़की का रेप किया और बाद में उसका पिता को जेल के अस्पताल में ही मरवा दिया। भाजपा राज में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था का बुरा हाल आज पूरे देश में है।

तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित पहले ही मांग चुके हैं मांफी !

बता दें कि भाजपा नेता एस. वीई. शेखर वेंकटरमण के अलावा BJP के राष्ट्रीय सचिव एच. राजा पर भी पत्रकारों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप है। बहरहाल इस पोस्ट में सेक्स-फॉर-डिग्री घोटाले को लेकर सवाल खड़े करने के लिए भी मीडिया को निशाने पर लिया गया था, जिसमें एक कॉलेज प्रोफेसर पर आरोप लगा था कि वह छात्राओं पर बेहतर नंबरों और पैसे के लिए अधिकारियों के साथ संबंध बनाने का दबाव डाल रही थी।

उसी प्रोफेसर ने राज्यपाल से ताल्लुक होने का दावा किया था, जिन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोर देकर इसका खंडन किया था। जब लक्ष्मी सुब्रह्मण्यम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्यपाल से इस बारे में सवाल पूछा, तो उन्होंने जवाब देने की जगह लक्ष्मी का गाल थपथपा दिया था।

याद दिला दें कि 78 वर्षीय गवर्नर ने भी महिला पत्रकार से माफी मांगते वक्त अजीबोगरीब तर्क दिया था। उन्होंने कहा था, ‘मुझे (आपका) सवाल अच्छा लगा… इसलिए, तारीफ करने के उद्देश्य से मैंने उस तरह आपका गाल थपथपाया था, और आपको अपनी पोती सरीखा समझा था…”

‘दादाजी की तरह गाल थपथपाने’ वाले दावे को नाकबूल करते हुए लक्ष्मी ने कहा कि उन्हें माफी मंजूर है, भले ही वह उनके तर्क से सहमत नहीं हैं। इससे पहले, लक्ष्मी सुब्रह्मण्यम ने गुस्से में ट्वीट किया था, ‘कई बार अपना चेहरा धोया है… अब भी उस एहसास से छुटकारा नहीं मिला है…’

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