आरएसएस, विहिप, बीजेपी नेताओं का आतंक – सीओ को जड़ा थप्पड़ – यही है रामराज

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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से आरएसएस, विहिप, बजरंग दल, हिन्दू युवा वाहिनी और बीजेपी के नेताओं ने पूरे प्रदेश में आतंक मचा रखा है। चारों तरफ गुंडागर्दी, बवाल और अराजकता फैला रखी है। इन संगठनों के गुंडों को रोकने में पुलिस नाकाम होती जा रही है इसकी वजह इनका सत्ता पक्ष से जुड़ाव मुख्य वजह है। पिछले एक महीने में दो दर्जन से ज्यादा बार पुलिस पर हमला हुआ है। ताजा मामला फतेहपुर सीकरी से सामने आ रहा है।

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने और इंस्पेक्टर को हटाने की मांग को लेकर शनिवार को फतेहपुर सीकरी थाने पर प्रदर्शन के बाद जमकर बवाल बवाल हुआ। इन संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सीओ अछनेरा रविकांत पाराशर से खींचतान की।

विश्व हिंदू परिषद के प्रांत विद्यार्थी प्रमुख जगमोहन चाहर ने सीओ को थप्पड़ जड़ दिया। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे वहां भगदड़ मच गई। बाद में लोगों ने थाने पर पथराव कर दिया। पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया। दोनों ओर से तकरीबन आधे घंटे तक ईंट-पत्थर फेंके गए। इस दौरान कई लोगों को चोटें आईं। पुलिस ने मौके से छह कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को पुलिस शहर के थाना सदर बाजार में ले आई थी। रात में हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं को जैसे ही इस बात की जानकारी मिली वे सदर थाने पर पहुंच गए और हंगामा कर दिया। वे कार्यकर्ताओं को छोड़ने का दबाव बना रहे थे। उनके प्रदर्शन को देखते हुए सदर थाने पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए।

देर रात तक हंगामा चलता रहा। भाजपा के कई नेता भी वहां पहुंच गए। लोगों को उग्र होते देख पुलिस ने यहां भी लाठीचार्ज किया। इससे आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर पथराव किया। एक दारोगा संतोष कुमार की बाइक में आग लगा दी और उसकी सर्विस रिवाल्वर भी छीन ले गए।

इससे पहले फतेहपुर सीकरी की घटना की सूचना पाकर डीएम गौरव दयाल और एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह मौके पर पहुंच गए। दूसरी ओर, विधायक चौधरी उदयभान सिंह और सांसद पुत्र राकेश चौधरी भी वहां पहुंचे।

उन्होंने अधिकारियों से बात कर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज की निंदा की। साथ ही बवाल के दौरान शनिवार को हिरासत में लिए गए प्रांत विद्यार्थी प्रमुख जगमोहन चाहर, विहिप के सागर चौधरी, जिला गौरक्षा प्रमुख ओमी टीकरी, भाजपा के उदयवीर सिंह, मोनू और हेमेंद्र तिवारी को छोड़ने के लिए कहा। लेकिन अधिकारियों ने आरोपियों को छोड़ने से इनकार कर दिया। थाने के घेराव के दौरान कार्यकर्ताओं की एसपी देहात मंशाराम गौतम और उपजिलाधिकारी निधि गुप्ता से भी तीखी बहस हुई।

ये है मामला

तेहरा जौताना के निकट बृहस्पतिवार रात सब्जी व्यापारी फूल कुरैशी और रिजवान के साथ कुछ युवकों ने मारपीट की थी। इस मामले में पुलिस ने ओमी टीकरी, संघ प्रचारक विक्रांत फौजदार, मूला चौधरी, विष्णु, पिंटू, रवि, प्रह्लाद सहित नौ के खिलाफ लूट और जानलेवा हमले के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। इसी को लेकर हिंदू संगठनों के लोगों में आक्रोश है।

उनका कहना है कि विक्रांत घटना के समय मौके पर नहीं थे। पुलिस ने आनन-फानन में गलत मुकदमा दर्ज किया है। शनिवार सुबह 11 बजे ही विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने थाने को घेर लिया था। वे थाना फतेहपुर सीकरी के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार यादव के निलंबन, कार्यकर्ता और पदाधिकारियों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने, दूसरे पक्ष पर मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे।

पुलिस, पीएसी ने किया मार्च

धरना-प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज के बाद पथराव में पुलिस के कई वाहनों के शीशे भी टूट गए। लोगों ने केनरा बैंक के एटीएम पर भी पथराव किया और शीशे तोड़ डाले। बवाल के दौरान पुलिसकर्मियों समेत कई कार्यकर्ता घायल हो गए। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों की बाइक जब्त कर ली। बाद में कई थानों की पुलिस व पीएसी ने बाजार में मार्च किया।

कानून के तहत होगी कार्रवाई

”फतेहपुर सीकरी में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कानून हाथ में लिया है। वे खुलेआम एलान कर रहे थे कि यहां वही होगा, जो वे चाहेंगे। उन्होंने सीओ के साथ हाथापाई, अभद्रता की। थाने पर पथराव किया। तब पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया है। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।”
-गौरव दयाल, जिलाधिकारी

Input Amarujala.com

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