लग रहा है पाकिस्तान पीछे रह जाएगा, चीन ने दी भारत से युद्ध की धमकी, देखें क्या कहा !

0
2083

चीन की धमकी – अपनी जमीन की हिफाजत के लिए भारत से जंग भी मंजूर,भारत की तरह हमारे हालात भी 1962 से अलग, रक्षा के लिए उठाएंगे सभी आवश्यक कदम !

लखनऊ, अक्सर भारत और पाकिस्तान के बीच LOC पर आए दिन फायरिंग होती रहती है भारत और पकिस्तान के बीच पहले से ही युद्ध जैसे हालत बने हुए है ऐसे में चीन की तरफ से भी भारत को युद्ध की चेतावनी दी गई है।

चीन की सरकारी मीडिया ने सिक्किम और भूटान में सीमा विवाद को लेकर एक लेख प्रकाशित किया है। इसमें कहा गया है कि अपनी सीमा की रक्षा के लिए चीन जंग के हद तक भी जाने को तैयार है। सोमवार को चीन के एक रणनीतिक विशेषज्ञ ने इस प्रकार का बयान दिया, जो कि दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा सकते हैं।

ग्लोबल टाइम्स के उस लेख में कहा गया कि – चीन किसी भी हद तक जाकर अपनी सीमा की रक्षा करेगा। भारतीय सेना के साथ हितों के टकराव के बीच अगर जंग की जरूरत पड़ी तो वो भी मंजूर है। बता दें कि इस पेपर का प्रकाशन पीपुल्स डेली की ओर से किया जाता है और चीन में मीडिया सरकारी है और ऐसे बयानों को सीधे सरकार की नीति और फैसले से जोड़कर ही देखा जाता है।

जेटली को चीन का जवाब

चीन के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को रक्षा मंत्री अरुण जेटली की उन टिप्पणियों को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि 2017 का भारत 1962 के भारत से अलग है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि आज का चीन भी 1962 के चीन से अलग है तथा देश अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए ‘सभी आवश्यक कदम’ उठाएगा।

जेटली ने चीन को जवाब देते हुए कहा था कि जब चीन ने दोनों देशों के बीच 55 साल पहले हुए युद्ध का संदर्भ देते हुए भारत से ‘ऐतिहासिक पाठ’ से सीखने को कहा था। रक्षा मंत्री जेटली ने कहा था, यदि वे हमें याद दिलाने की कोशिश कर रहे हैं, तो 1962 की स्थिति अलग थी और 2017 का भारत अलग है। सिक्किम सेक्टर में वर्तमान गतिरोध चीन द्वारा खड़ा किया गया है।

जेटली की टिप्पणियों के जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने कहा, वह ठीक कह रहे हैं कि 2017 का भारत 1962 के भारत से अलग है, लेकिन उसी तरह चीन भी अलग है। उन्होंने कहा कि सिक्किम सेक्टर में दोनों देशों के बीच सीमा 1890 की चीन-ब्रिटिश संधि के तहत भलीभांति निर्धारित है। शुआंग ने कहा, मैं चाहूंगा कि भारतीय पक्ष 1890 की संधि का तत्काल पालन करे और सैनिकों को वापस बुलाए जो चीनी क्षेत्र में घुस आए हैं। उन्होंने कहा, चीन अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

चीन और भारत की तनातनी के बीच भारत और पकिस्तान के बीच खटपट लगता पीछे छूट जायेगी।

Loading...