दलित सांसदों वा सहयोगी दलों के विधायकों की नाराजगी के बाद भाजपा में तूफान तेज, योगी दिल्ली तलब !

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भाजपा के 4 दलित सांसदों का विरोध, सहयोगी दल ‘सुभासपा’ के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर और ‘अपना दल’ विधायक के बगावती तेवर से भाजपा की सांसें तेज !

दिल्ली : उत्तर प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत से बनी हुई सरकार को अभी सिर्फ एक ही साल बीता है, जबकि भाजपा सांसदों और सहयोगी दलों के विधायकों में विरोध के स्वर इस तरह मुखर हुए हैं कि सांसद-विधायक खुलेआम प्रेस करके सरकार के काम-काज पर असंतोष जताते हुए अपनी नाराजगी जता रहे हैं। वहीँ इन सब विरोध को देखते हुए भाजपा के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में सरगर्मियाँ तेज हो गयी हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली बुलाकर मुलाकात की। उधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी शाम को दिल्ली पहुंच गए। भाजपा के महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल तो पिछले दो दिन से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। इन सभी नेताओं की दिल्ली में मौजूदगी के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं, और यह भी साफ़ हो गया है कि यूपी भाजपा में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है।

वैसे तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पहले से दिल्ली जाने का कार्यक्रम तय था और वह रविवार को दिल्ली से ही गुजरात जाएंगे जहां उन्हें एक कार्यक्रम में शामिल होना है। बताया जाता है कि शनिवार शाम को दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से सीएम योगी की प्रदेश सरकार की कई योजनाओं के साथ यूपी के ताजा राजनीतिक घटनाक्रम पर भी बात हुई । यह साफ नहीं हो सका है कि विधान परिषद चुनाव के प्रत्याशियों और दलितों सांसदों की नाराजगी के मुद्दे पर उनको प्रधानमंत्री से क्या आदेश-निर्देश प्राप्त हुए।

इलाहाबाद में सीएम योगी के कार्यक्रम में ना जाने पर केशव मौर्या ने दिया जवाब –

उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य से मीडिया कर्मियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ इलाहाबाद नहीं जाने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि शामली का कार्यक्रम पहले से निर्धारित था। इसमें प्रदेश अध्यक्ष भी शामिल हुए थे। इसी कारण इलाहाबाद नहीं जा सके । गौरतलब है कि कौशाम्भी केशव मौर्या का गृह जनपद है और प्रदेश के कई बड़े मंत्री कौशाम्भी महोत्सव में शामिल हुए, सिर्फ उनको छोड़कर।

उधर, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का शनिवार को शामली जिले में कार्यक्रम था। यहां से वह भी दिल्ली चले गए। निजी कार्यक्रम से हरिद्वार गए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय भी दिल्ली लौट गए। इन सभी नेताओं की दिल्ली में मौजूदगी से अटकलें लगी कि भाजपा में शीर्ष स्तर पर कई मसलों को लेकर आपसी विरोधाभास है। हालांकि अधिकृत तौर पर इन नेताओं की राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ बैठक की पुष्टि नहीं हो सकी है।

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