शिवपाल यादव पर खूब मेहरबान दिखे CM योगी, क्या हैं इस ‘दरियादिली’ के राजनीतिक मायने ? देंखे रिपोर्ट

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लखनऊ : योगी आदित्यनाथ की सरकार ने शिवपाल सिंह यादव की जेड श्रेणी की सुरक्षा मंगलवार को बहाल कर दी है,इससे पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव पर सीएम योगी की दरियादिली साफ देखने को मिली है। आखिर एक छोटी सी मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधायक शिवपाल पर मेहरबान हो ही गए।

वीआईपी कल्चर को खत्म करने की बात करने वाली योगी सरकार ने 1 महीने पहले पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव की सुरक्षा को जेड से घटाकर वाई कर दिया था। अभी कुछ दिन पहले ही शिवपाल यादव, सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने गए थे। शिवपाल की जेड श्रेणी सुरक्षा बहाल किए जाने को इस मुलाकात से जोड़कर देखा जा रहा है।

डिंपल, रामगोपाल,आजम खान और शिवपाल यादव की सिक्योरिटी एक साथ ही घटाई गई थी !

योगी सरकार ने पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के अलावा वर्तमान नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना को भी जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। पिछले महीने योगी सरकार ने अखिलेश सरकार से जुड़े रहे कई नेताओं की सुरक्षा घटा दी थी।

यूपी की नई सरकार के आदेश पर एक महीने पहले जिन नेताओं की सुरक्षा पिछले दिनों घटाई गई थी, उनमें पूर्व सीएम अखिलेश यादव की पत्नी सांसद डिंपल यादव, पूर्व मंत्री आजम खान, शिवपाल यादव और एसपी महासचिव रामगोपाल यादव भी शामिल थे। लेकिन इनमें से सिर्फ शिवपाल की सुरक्षा को फिर बढ़ाया गया है बाकी सभी लोगों को कम सुरक्षा दी जा रही है।

क्या हैं इस ‘दरियादिली’ के राजनीतिक मायने ?

 

योगी सरकार के आने के बाद 100 अन्य लोगों की सुरक्षा भी वापस ले ली गई थी !

बड़े नेताओं के अलावा अखिलेश सरकार के करीबी 100 अन्य लोगों की सुरक्षा वापस ले ली गई थी। हालांकि योगी सरकार ने एसपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, पूर्व सीएम अखिलेश यादव और मायावती की जेड प्लस सुरक्षा को जारी रखने का फैसला किया था। बदायूं के सांसद धर्मेंद्र यादव की वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा भी जारी रखी गई थी। वीआईपी कल्चर खत्म करने के तहत सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रमुख सचिव (गृह) को सिर्फ जरूरत के मुताबिक नेताओं को सुरक्षा देने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद सभी वीवीआईपी और वीआईपी को मिली श्रेणीवार सुरक्षा का रिव्यू किया गया था।

हालांकि, योगी सरकार ने सपा के पूर्व महासचिव अमर सिंह और नरेश अग्रवाल की सुरक्षा बरकरार रखी है। सूबे में योगी सरकार बनते ही वीआईपी सुरक्षा में लगे सभी जवान एक ही झटके में वापस हो गए। वहीं अखिलेश य़ादव की सरकार में तो छुटभैये नेताओं के लिए वीआईपी सुरक्षा स्टेटस सिंबल बन गई थी।

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