4 साल में ही ABVP मुक्त हुई दिल्ली, मोदी लहर दिल्ली में हुई ध्वस्त, क्या ये 2019 के चुनाव की आहट है ?

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नई दिल्ली, दिल्ली में हुए छात्र संघ चुनावों में भाजपा के छात्र संगठन ABVP की बुरी हार हुई है चाहे वो JNU हो या DU हो। चार साल में ही ABVP मुक्त दिल्ली होने पर मीडिया जगत के कई पत्रकारों ने अपनी राय रखी है। तो वहीं ABVP की हार को सोशल मीडिया में भाजपा की हार से भी जोड़ा जा रहा है। लोगों का कहना है कि भाजपा की हार की शुरुआत दिल्ली से हो गयी है।

भाजपा छात्र संगठन ABVP को हराते हुए कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने चार साल बाद वापसी करते हुए अध्यक्ष पद पर कब्जा किया है। अध्यक्ष पद पर NSUI के रॉकी तुशीद ने जीत दर्ज की है। उन्हें 16299 वोट मिले हैं जबकि ABVP उम्मीदवार को 14709 वोट मिले हैं। दूसरी तरफ उपाध्यक्ष पद भी NSUI ने जीत हासिल की है। वहीं ABVP को सचिव और सह सचिव पद से संतोष करना पड़ा है। हालांकि सह सचिव पद पर वोटों की गिनती दोबारा की जा रही है।

NSUI की इस जीत पर सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग इसे 2019 के चुनावों से भी जोड़कर देख रहे हैं। छात्रसंघ चुनाव में लोगों ने ABVP की हार का भाजपा का नीतियों को ठहराया है। कुछ लोगों ने रामजस कॉलेज विवाद को भी ABVP की हार से जोड़कर देखा है।

दिल्ली के छात्र संघ चुनाव में ABVP की हार पर जाने माने पत्रकार अभिषार शर्मा लिखते हैं कि, मैं नही मानता के दिल्ली विश्व विद्यालय का असर 2019 के चुनावों पर पड़ेगा. मगर यह एक संकेत है. जनता, खासकर युवा, मिडल क्लास युवा अब जुमलों से उक्ता गया है. वो राष्ट्रवाद के नाम पर हो रही गुंडा गर्दी से bore हो गया है . ABVP, और यह दुखद है उसी गुंडा गर्दी की प्रतीक हो गयी है. यह हार तब हुई जब मोदिजी ने खास तौर पर छात्रों को संबोधित किया. अभी विपक्ष को बहोत मेहनत करनी है. मगर दिल्ली विश्व विद्यालय के युवाओं को बधाई इस समझदारी के लिए।

तो वहीं योगेंद्र यादव ने लिखा कि, पहले जेएनयू फिर पंजाब और गौहाटी, अब दिल्ली विश्वविद्यालय! युवा भारत ने तो ‘न्यू इंडिया’ पर फ़ैसला सुना दिया! अब बाक़ी देश की बारी है!

 

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