चुनाव आयोग ने भाजपा को दिया जोर का झटका, कमल छाप मोटर साइकिल को किया सीज

चुनाव आयोग ने भाजपा को दिया जोर का झटका, कमल छाप मोटर साइकिल को किया सीज
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लखनऊ, नोटबंदी के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव प्रचार करने के लिए करीब 5000 मोटर साइकिल खरीदी थी। जिनका इस्तेमाल यूपी चुनाव में होना था। हालाँकि भाजपा की तरफ से ये स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है कि ये बाइक्स उसने कैश पेमेंट या चेक के द्वारा खरीदी थी।

यूपी चुनाव के लिए खरीदी गयी बाइक्स को लेकर चुनाव आयोग ने भाजपा को तगड़ा झटका दिया है। चुनाव आयोग ने भाजपा की कमल संदेश अभियान पर रोक लगा दिया है।

चुनाव आयोग ने भाजपा के कमल वाली मोटर साइकिल से जिलों में प्रचार करने को आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया है।

भाजपा ने कमल सन्देश यात्रा द्वारा यूपी की हर विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी कार्यकर्ता मोटर साइकिल पर जाकर चुनाव प्रचार की योजना बनाई थी। जिसके लिए भाजपा ने करीब 5000 बाइक्स खरीदी थी जिनपर कमल निशान छपा हुआ था। भाजपा ने कमल संदेश मोटर साइकिल सवार युवकों की लिस्ट तैयार की थी, जिन्हें हर दिन 300 घरों में जाकर भाजपा का प्रचार साहित्य बांटना था। तैयारियां पूरी हो गई थीं।

18 दिसंबर को भाजपा के इस अभियान को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को हरी झंडी दिखाना था, लेकिन एन मौके पर इस कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया।

इसके बाद भाजपा आलाकमान ने तय किया कि हर जिले कार्यकर्ताओं को कमल छाप मोटरसाइकिल दी जाएंगी। अभी यह मोटरसाइकिल कुछ जिलों तक ही पहुंची थी कि चुनाव आचार संहिता के चलते निर्वाचन आयोग ने इस पर रोक लगा दी है।

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