EVM घोटाला, MP में पकड़ी गयी विवादित EVM मशीन से UP में हुआ था विधानसभा चुनाव !

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भोपाल, मध्य प्रदेश में 2 सीटों पर उपचुनाव होना है जिसके लिए चुनाव आयोग के कर्मचारी तैयारियों में लगे हैं। जिसके तहत वो वोटिंग में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम/EVM) का डेमो दे रहे थे। डेमो देते वक्त ईवीएम में कैसे घोटाला होता है उजागर हो गया। ईवीएम में होने वाला यह घोटाला सरेआम कैमरे पर पकड़ा गया।

विवादित EVM का विडियो

मध्य प्रदेश की मुख्य चुनाव आयुक्त सेलिना सिंह के सामने ईवीएम के किसी भी बटन को दबाने पर सिर्फ और सिर्फ बीजेपी के पर्ची निकली,जिसके बाद हंगामा हो गया। लेकिन हद तो तब हो गई जब मुख्य चुनाव आयुक्त सेलिना सिंह ने खबर दिखाए जाने पर पत्रकारों को जेल में डाल देने की धमकी दी।

दरअसल मध्यप्रदेश में 31 मार्च 2017 को मुख्य निवार्चन अधिकारी सेलिना सिंह के सामने ही ईवीएम का फ्रॉड सामने आ गया। बटन दबाया गया कहीं का लेकिन पर्ची निकली कमल निशान वाली। दरअसल भिंड में अटेरा विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव होने हैं जिसमें पर्ची वाली ईवीएम (EVM – VVPAT ) का इस्तेमाल होना है। पत्रकारों को पर्ची वाली ईवीएम का कामकाज दिखाने समझाने के लिए बुलाया गया था।

भिंड पहुँची सेलिना सिंह ने प्रदर्शन के लिए बटन दबाया चार नंबर का लेकिन पर्ची निकली दो नंबर वाले भाजपा के कमल निशान की। यानी यह गड़बड़ी तो सामने आ गई कि मशीन ठीक से काम नहीं कर रही है। पत्रकार हँसने लगे। इस पर सेलिना सिंह ने धमकी दी कि अगर यह ख़बर दिखाई तो जेल भेज दिया जाएगा। वहीं ये वीडियो सोशल साइट्स पर वायरल हो चुकी है।

क्या देश का लोकतंत्र खतरे में है ?

एक बात सबसे ज्यादा चौकाने वाली यह थी कि यह उन्ही ईवीएम (EVM – VVPAT ) में से एक थी जिनसे हाल ही में उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव कराया गया था। अब उन आरोपों को हवा लग गयी है जिसमे मायावती ने ईवीएम (EVM – VVPAT ) मशीन में भारी गड़बड़ी की आशंका जताते हुए चुनाव आयोग से इसकी निष्पक्ष जांच करने के लिए बोला था तथा ईवीएम (EVM – VVPAT ) मशीन जांच के लिए उन्होंने कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया है। हालाँकि मध्य प्रदेश में घटी इस घटना से चुनाव आयोग के उन सभी दावों की धज्जियां उड़ गयी हैं जिसमे चुनाव आयोग ने कहा था कि ईवीएम (EVM – VVPAT ) मशीन में गड़बड़ी हो ही नही सकती।