EVM घोटाला – ईवीएम मशीन को लेकर आया चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

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लखनऊ, उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों में हुए चुनावों में ईवीएम के साथ छेड़खानी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मध्य प्रदेश से ईवीएम के डेमो को लेकर आये वीडियो ने इस मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। मध्य प्रदेश ईवीएम का हवाला देकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को चुनाव आयोग को चैलेंज किया था कि चुनाव आयोग 72 घंटे क्व लिए ईवीएम उन्हें दे दे तो वो साबित कर देंगे कि ईवीएम के साथ छेड़खानी की जा सकती है।

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खबर आ रही है कि ईवीएम में छेड़छाड़ और गड़बड़ी के आरोपों का सामना कर रहे चुनाव आयोग ने इसकी विश्वसनीयता साबित करने के लिए ओपन चैलेंज देने का फैसला किया है।

पोल पैनल के सूत्रों के अनुसार, ”हम ओपन चैलेंज के लिए जल्द ही एक तारीख तय करेंगे। 2009 में भी चुनाव आयोग ने सभी के लिए ओपन चैलेंज जारी किया था जिसमें कहा गया था कि ईवीएम से छेड़छाड़ करके दिखाया जाए। कोई भी इसे साबित नहीं कर पाया था।

2009 के बाद से एक बार फिर इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस पर हमने फैसला किया है कि सभी शक और संदेहों को दूर करने के लिए एक बार फिर से इस प्रकिया को दोहराया जाए। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और लोगों को इस चैलेंज में शामिल होने के लिए कहा जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, जिस भी व्यक्ति को इस पर संदेह है वह ओपन चैलेंज में शामिल हो सकता है।

हालांकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है। पिछले महीने की 16 तारीख को चुनाव आयोग ने बताया था कि 2009 में ओपन चैलेंज के दौरान आयोग की ओर से अवसर दिए जाने के बावजूद कोई भी चुनाव आयोग के मुख्‍यालय में मशीन में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं दिखा पाया। आयोग ने बताया कि उस समय कई लोग फेल हो गए और कई ने मशीन के साथ प्रदर्शन ही नहीं किया।