EVM घोटाला – EVM के खिलाफ मायावती ने कर ली पूरी तैयारी, जुटा लिए EVM के साथ छेड़छाड़ के सबूत, सुप्रीम कोर्ट में पेश करेंगी

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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों के आने के बाद से ही बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने EVM की विश्वसनियता पर सवाल उठाये थे और इसके खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज की थी। बसपा ने निर्वाचन आयोग को चिट्ठी लिखकर EVM की जांच कराने की मांग की थी। आयोग ने इस मांग को खारिज कर दिया था और किसी गड़बड़ी की संभावना से इनकार किया था। चुनाव आयोग द्वारा EVM से छेड़छाड़ को नकारने के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसकी सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 2 महीने बाद की तारीख दी थी।

EVM के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पेश करने के लिए बसपा पूरी तैयारी कर रही है जिसके लिए कई तरह से सबूत जुटाए जा रहे है। इसके लिए बूथ स्तर पर वोटरों के शपथ-पत्र लिए जा रहे हैं। वहीं मध्य प्रदेश के हालिया मामले से लेकर देश-दुनिया में ईवीएम पर उठे सवालों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। यह काम बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र की अगुआई में किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट में बसपा पूरी तैयारी के साथ जाना चाहती है। उसकी कोशिश है कि तथ्यों के अभाव में याचिका खारिज न हो। इसके लिए तथ्य जुटाए जा रहे हैं। बीएसपी ने कई इलाकों में बूथवार वोटरों का ब्योरा इकट्ठा करवाया है। उदाहरण के तौर पर जहां पार्टी को 5 या 10 वोट ही मिले हैं। वहां से कम से कम 150-200 वोटरों से एफिडेविट लिए जा रहे हैं। एफिडेविट वे बताएंगे कि उन्होंने बीएसपी को वोट दिया था। लेकिन उनका वोट पता नहीं कहां गया।

साथ ही हाल में मध्य प्रदेश के भिंड में हुई घटना को भी कोर्ट में रखा जाएगा। चर्चा है कि वहां ईवीएम में किसी भी पार्टी का बटन दबाने पर वोट बीजेपी को ही गया। बसपा अंतरराष्ट्रीय स्तर के लेखकों की उस किताब को भी कोर्ट में पेश करेगी, जिसमें ईवीएम के फूलप्रूफ होने से इनकार किया गया है। ईवीएम की खामियां भी उस किताब में बताई गई हैं। इससे पहले लालकृष्ण आडवाणी से लेकर कई बड़े नेताओं के सवालों और हाल ही में कोर्ट में गए कई मामलों को भी कोर्ट में रखा जाएगा।

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