योगीराज में कंधे पर रख कर ले गया भांजी का शव, अस्पताल ने नहीं दी एम्बुलेंस, योगी जी कहाँ हो ? डिप्टी CM के क्षेत्र की घटना !

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कौशांबी, डिप्टी सीएम केशव मौर्या के संसदीय क्षेत्र में सरकारी अस्पताल ने भांजी के शव को ले जाने के लिए एम्बुलेंस न दिए जाने पर व्यक्ति अपने कंधे पर ही शव रख कर साईकल चलते हुए ले गया।

यह घटना कौशांबी जिला अस्पताल की है, जहां अस्पताल प्रशासन की करतूत के कारण एक मामा को अपनी भांजी की लाश को साईकिल से कंधे पर रख कर 10 किलोमीटर ले जाना पड़ा। वहीं अस्पताल प्रशासन इस पूरे मामले से किनारा काटता नजर आ रहा है।

सिराथू तहसील के मलाक सददी गांव का रहने वाला अनंत कुमार मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता है। कुछ दिनों से उसकी 7 माह की बेटी पूनम की तबीयत खराब थी, पूनम को उल्टी- दस्त की शिकायत थी। अनंत अपने साले बृजमोहन को बेटी की देखरेख करने के लिए छोड़ मजदूरी करने इलाहाबाद चला गया।

सोमवार को पूनम की तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ी तो मामा बृजमोहन बहन बीजिया के साथ उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। बृजमोहन के अनुसार उसने इमरजेंसी मे मौजूद डॉक्टर से बच्ची का उपचार करने को कहा तो उसे पर्ची बनवाने के लिए भेज दिया गया। वह जब तक पर्ची बनवाकर लौटा तब तक बच्ची की मौत हो गई।

मृतक बच्ची की मां बीजिया ने बताया कि जिला अस्पताल में उससे शव वाहन के चालक ने कुछ रुपये की मांग की जिसे वह पूरा नहीं कर सकी, जिसके बाद मजबूरन बच्ची के शव को लेकर अपने भाई के साथ साइकिल से घर लौटना पड़ा।

वहीं जिला अस्पताल के आरोपी डॉक्टर का कहना है कि अस्पताल पहुंचने से पहले बच्ची की मौत हो गई थी। उन्होंने परिजनों से शव वाहन की सुविधा लेने के लिए कहा था, लेकिन वाहन आने से पहले ही वह बच्ची के शव को लेकर चले गए।

सीएमएस का कहना है कि शव वाहन पहुंचने से पहले परिजन बच्ची का शव लेकर चले गए थे, हालांकि वह मामले की जांच कराएंगे। वहीं इस पूरे मामले मे जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने संज्ञान मे लेते हुये ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व शव वाहन चालक के खिलाफ मुक़दमा दर्ज करवा जांच शुरू करा दिया है।