भारतीयों को काम के लिए वीजा नहीं दे सकते, तो Facebook, Whatsapp, Google पर भारत में बैन लगे !

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दिल्ली, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और सिंगापुर जैसे देशों ने अपने यहाँ नौकरी करने वाले उन लाखों भारतियों को संकट में ड़ाल दिया है, जो इन देशों के नागरिकों की तुलना में कम सैलरी पर भी काम कर लेते थे। इन देशों के नए नियमों के हिसाब से अब ऐसे भारतीयों को इन देशों में H1B वीजा नहीं मिलेगा जिनकी सैलरी वहां के नागरिकों के हिसाब से कम होगी तथा ऐसे लाखों भारतियों को अब जल्दी ही अपने देश वापस लौटना पड़ेगा।

इन भारतीय IT एक्सपर्ट्स की बढ़ती मुश्किलों के लिए टेलिकॉम इंडस्ट्री के बड़े भारतीय कारोबारी भारती मित्तल ने अमेरिका समेत विदेशी कंपनियों के सख्त वीजा नियमों खिलाफ कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि जिस तरह से अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसे देश संरक्षणवादी नीतिया बना रहे हैं वैसे ही क्या भारत में भी फेसबुक और व्हाट्सएप पर बैन लगा देना चाहिए।

द इकनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक मित्तल ने कहा कि उन्हें अमेरिका के वीजा नियमों पर संरक्षणवादी रवैये की वजह से ज्यादा परेशानी नहीं है क्योंकि उनका ज्यादातर व्यवसाय अपने देश में ही मौजूद है।

उन्होंने वीजा नियमों की आलोचना करते हुए कहा कि विदेशी कंपनियां तो भारत में आकर बड़ा व्यापार कर रही हैं, वहीं ऐसी स्थिति में भारतीय प्रोफेशनल्स को अपने देशों में रोकना सही नहीं है।

ऐसे तो भारतीय कंपनियां प्रतिस्पर्धा से बाहर हो जाएंगी —-

मित्तल ने आगे कहा कि भारतीय कम्पनियों को एक खास सेलरी देने के लिए मजबूर करना सही नहीं है क्योंकि वो इससे प्रतिस्पर्धा से ही बाहर हो जाएंगी। एक सवाल के जवाब में जिसमें पूछा गया कि उनकी कंपनियों को अगर किसी देश में प्रवेश नहीं करने दिया जाता है तो क्या फेसबुक और व्हाट्सएप जैसी कंपनियों को भी भारत में प्रवेश की अनुमति मिलनी चाहिए या नहीं।

इस सवाल के जवाब में मित्तल बोले की फेसबुक के 20 करोड़, व्हाट्सएप के 15 करोड़ और गूगल के भारत में 10 करोड़ ग्राहक हैं। हमें ये कहना चाहिए कि फेसबुक और व्हाट्सएप का संचालन भारत में नहीं होना चाहिए, क्योंकि हमारे पास खुद के ऐप्स हैं।