गोरखपुर नरसंघार : 5 दिन में कुल 60 बच्चों की हुई मौत, ‘मृतकों के परिजनों को लाश देकर भगाया गया’ !

0
103
Loading...

 

गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद में सरकार की लापरवाही और अनाड़ीपन के चलते 5 दिन में 60 से अधिक बच्चों की जान चली गयी या ये कहे कि योगी सरकार ने इन बच्चों का नरसंघार किया है। छोटे-छोटे बच्चे बिना के कारण तड़प-तड़प कर मर गए,वहीँ सरकार का एक और अमानवीय कृत्य सामने आया जब ये पता चला कि मृतकों के परिजनों को लाश हाथ में देकर अस्पताल से भगा दिया गया। किसी भी मृतक का पोस्टमार्टम तक नहीं कराया गया। मेडिकल कॉलेज में मरीजों के भर्ती कार्ड भी गायब कर दिए गए हैं। यह अत्यंत दुखद है।

गौरतलब है कि 9 अगस्त को ही यूपी के मुख्यमंत्री योगी जी को ऑक्सीजन की इस किल्लत के बारे में सूचित किया गया था,पर लापरवाह योगी सरकार नहीं चेती और बच्चों की मौत हो गयी। बता दें की CM योगी ने अपने गोरखपुर दौरे के दौरान बाबा राघव दास अस्पताल का दौरा किया था।

उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने योगी सरकार को बच्चों की मौत का जिम्मेदार बताते हुए कहा कि सरकार ने नरसंघार किया है,जिसके लिए ईश्वर भी इन्हे माफ़ नहीं करेंगे !

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार –

अखिलेश ने कहा कि इस मामले में दोषी लोगों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार को मृतक परिवारों को 20-20 लाख रुपये की मदद करनी चाहिए।

अखिलेश का यह बयान गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को ऑक्सीजन की कमी से 30 बच्चों की मौत के बाद आया है।

           BRD अस्पताल द्वारा दी गयी मृतकों की संख्या विवरण

चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि गोरखपुर मेडिकल कॉलेज की घटना में जो भी दोषी हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि डीएम इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच करा रहे हैं। जबकि विभाग की ओर से महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को वहां भेजा गया है। टंडन ने इस बात पर नाराजगी जताई की बुधवार की मुख्यमंत्री की बैठक में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ऑक्सीजन की समस्या का जिक्र तक नहीं किया गया।

उन्होंने पिछले 24 घंटे में 30 मौतों के प्रश्न पर कहा कि सारी सच्चाई जांच में सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि 10 अगस्त को 23 बच्चों की मौत हुई जबकि 11 अगस्त को सात बच्चों की मौत हुई। बृहस्पतिवार को 23 बच्चों की मृत्यु पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इनमें से 14 बच्चों की मौत एनआईसीयू में हुई है। जबकि तीन मौत एईएस व छह मौत नॉन एईएस के कारण हुई है। उन्होंने मामले की पूरी जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दे दी है।

               ऑक्सीजन सप्लाई कंपनी का सरकार को लिखा गया पत्र

Loading...