पुलिस हो या आम आदमी “यादवों” की हत्याओं का सिलसिला जारी है, बस्ती में एक और “यादव” की हत्या !

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बस्ती, योगी सरकार के आने के बाद से एक जाती विशेष के लोगों पर अचानक से ही हमले तेज हो गए हैं जिसमे 4 पुलिस वालों के साथ अब तक दर्जनों यादवों की हत्याएं हो चुकी हैं तथा इसके साथ ही योगी सरकार के द्वारा नौकरियों में यादवों को ख़ास केंद्रित करके या तो ससपेंड किया जा रहा है या बर्खास्त किया जा रहा है,फिर चाहे गाजियाबाद के 45 पुलिस वालों का केस हो या गोमती रिवर फ्रंट के कार्य देख रहे यादव इंजीनियर की। पूरे प्रदेश में यादव और मुस्लिमों को केंद्रित करके कार्यवाही की जा रही हैं,कुछ सरकारी विभाग तो ऐसे हैं जिनमे बिना किसी दोष के सिर्फ ये कह कर अधिकारियों के ऊपर दबाव बनाया जा रहा है कि कुछ भी करो पर इन यादव जी को ससपेंड करो।

वहीँ अपराध तो पूरे प्रदेश में थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं ,कल रात बस्ती शहर से जुड़े नगर थाना क्षेत्र के सराय गांव के रहने वाले विष्णु प्रसाद यादव (50) की कुआनो नदी के किनारे बंधे के नीचे लाश संदिग्ध अवस्था में पाई गयी। गले, सीने और पेट पर काला निशान मिला है। नाक से खून निकल रहा था, परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। सुबह कुछ लोगों ने पुराने अमहट पुल के उस पार सराय गांव की ओर जाने वाले मार्ग के बगल बंधे के नीचे घास फूस में व्यक्ति का शव देखा। इसकी सूचना 100 नंबर व नगर थाने की पुलिस को दी गई। फुटहिया चैकी पुलिस और डायल 100 की टीम घटना स्थल पर पहुंची। पेट के बल पड़े शव को सीधा कराया और आस पास के लोगों से उसके बारे में जानकारी ली।

लोगों ने शव की पहचान सराय गांव खलगंवा पुरवा के विष्णु प्रसाद यादव के रूप में की। विष्णु प्रसाद चैकीदार संघ के जिलाध्यक्ष भी थे। सूचना मिलते ही पत्नी, बच्चे और भाई मौके पर पहुंच गए, परिजनों के अनुसार रविवार को दिन में एक बजे किसी का फोन आने पर वह मोटरसाइकिल से बस्ती शहर की ओर निकले। शाम को पांच बजे पुत्र राहुल ने उनके मोबाइल पर फोन कर आते समय गमक्सीन लाने को कहा। फोन पर उसके पिता ने कहा कि वह अमहट में है, आते समय ले आएंगे। इसके बाद देर रात तक घर न पहुंचने पर रविवार की रात 11 बजे राहुल ने फिर फोन किया, मगर फोन नहीं उठा।
उसी समय परिवार के लोगों को अनहोनी की आशंका सताने लगी। सुबह से विष्णु की तलाश शुरू हुई पर कुछ पता नहीं चला। किसी ने बताया कि उनकी लाश गांव के बाहर बंधे के नीचे पड़ी है। परिवार के लोग इसे हत्या का मामला मान रहे हैं। दिवंगत के परिजनो का कहना है यह उसकी दूसरी शादी थी, पहले पति की मौत के बाद उसने विष्णु प्रसाद यादव से दूसरी शादी की थी। पहला ससुराल गौर थाना क्षेत्र के सिद्धौर गांव में है जहां उनके नाम से चार बीघा जमीन है। उसे लेकर पट्टीदारों से विवाद चल रहा है।

इस मामले की पैरवी उसके पति कर रहे थे। विष्णु प्रसाद के जेब से 18,160 रुपये, मोबाइल, डायरी, चश्मा, तीन पेन, उसका और पत्नी का फोटो, निर्वाचन कार्ड बरामद हुआ है। उसकी बाइक कहां गई, इसका पता नहीं चल सका है। पुलिस ने आस पास झाड़ियों में बाइक की तलाश की मगर उसे सफलता नहीं मिली। एसपी ने बताया कि मामले में पीएम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है, उसी के आधार पर जांच की जा रही है

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