लालू-मुलायम गौ सेवा करें तो यादव जी का “तबेला” और योगी जी गौ सेवा करें तो गौ सेवक एवं गौ रक्षक कैसे ?

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              यादव गौ सेवा करें तो “तबेला” और योगी जी करें तो गौ सेवा और गौ रक्षा !

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लखनऊ : देश की राजनीति में आज गौ सेवा और गौ रक्षा जैसे शब्द सत्ता पाने की कुंजी और देश भक्ति की परिभाषा बनते जा रहे हैं।जहाँ एक ओर लालू यादव और मुलायम यादव जैसे बड़े नेता बड़े पैमाने पर निजी तौर पर गौ सेवा करते आ रहे हैं,पर इसी समाज के कुछ बड़े हिंदूवादी लोग लालू-मुलायम के इस गौ सेवा को “यादवों का तबेला” नाम से पुकारते रहे हैं।

जबकि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पैतृक निवास सैफई में उनके भाई अभय राम यादव वर्षों से लगातार अपने हाथों से स्वयम गौ सेवा करते आ रहे हैं और पूरे परिवार को शुद्ध गाय का दूध भी पीने को उपलब्ध कराते आ रहे हैं,हालाँकि नेता जी मुलायम सिंह के भाई को गौ सेवा के साथ खेती करने का भी बहुत शौक है और कई बार तो उन्हें अपने खेतों पर ही आलू की बोरियों पर थकान मिटाते हुए देखा गया है।

वहीँ बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव भी बहुत बड़े स्तर पर गौ सेवा करते रहे हैं,तथा उनके सरकारी आवास पर भी कई गाय पली हुयी हैं। जिसकी देख भाल के लिए अक्सर लालू यादव भी दिख जाते हैं,उन्हें कभी अपने हाथों से दूध निकालते हुए तो कभी गायों को चारा डालते हुए सार्वजनिक रूप से देखा भी गया हैं।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी अपनी सरकार में गौ सेवा को खूब बढ़ावा दिया,उन्होंने प्रदेश में गौ सेवा को बढ़ने के लिए कामधेनु डेरी योजना जैसी काफी लोकप्रिय योजना को लागू किया जिससे कई किसान लाभान्वित हुए। इस कामधेनु डेरी योजना के तहत 50-100 गाय पालने के लिए सरकार की तरफ से लोन और सब्सिडी भी दी जाती थी। गौरतलब हैं अखिलेश यादव ने अपने गाय प्रेम की मार्केटिंग नही कराई जिससे गौ सेवा और गौ रक्षक के नाम पर उनकी TRP कम रह गयी।

गौ सेवक,गौ पालक और बड़ी मात्रा में गौ रक्षा के धर्म को निभाने वाले “भगवान श्री कृष्णा” के वंशज यदुवंशियों-यादवों ने सदा से गौ सेवा को अपने धर्म की तरह निभाया हैं,हालाँकि समाज के उच्च जाती के लोगों ने यदुवंशियों-यादवों को उनके इस गौ सेवा धर्म और गौ प्रेम के कारण सदा तुच्छ शब्दों का प्रयोग करके अपमानित करने का काम किया है। किसी ने दूध वाला बुलाया,तो किसी ने ग्वाला,तो किसी ने दूधिया,तो मुम्बई के बड़े और एडवांस लोगो ने इन्हें “भैया” बुलाया जिस भैया शब्द को मुम्बई में बहुत ही तुच्छ समझ जाता है। यदुवंशियों-यादवों ने अपने इस गौ सेवा धर्म और गौ प्रेम के कारण सदा समाज के लोगों को शुद्ध दूध उपलब्ध कराया पर लोगों ने उन्हें इज्जत ना बक्शी, पर आज योगी जी जैसे अन्य लोगों को सिर्फ गौ रक्षा के नाम पर ही जनता ने सिर माथे पर बिठाया है,क्या इसका भी कारण योगी जी का यादव न होना ही हैं ! और अगर योगी जी भी यादव होते तो क्या समाज के उच्च जाती के लोग उन्हें इतनी इज्जत और सम्मान देते !

देश भक्ति और गौ रक्षा के नाम पर देश में पिछले कई सालों में RSS,BJP और गौ-सेवा दलों ने कई निर्दोष लोगों को प्रताड़ित भी किया जैसे कुछ माह पहले ही गुजरात के ऊना में 4 हिन्दू दलितों को सिर्फ इसलिए गंभीर रूप से पीटा गया क्योंकि वह लोग मरी हुयी गाय को लेकर जा रहे थे और गौ रक्षा दल के लोगों ने उन पर गौकशी का आरोप लगते हुए उन्हें नंगा करके बीच सड़क में खूब मारा। हालाँकि बाद में पता चला की इन लोगों का यही छोटा सा व्यव्यसाय था,जिससे उन्हें दो वक़्त की रोटी नसीब हो पाती थी क्योंकि ये लोग मरी हुयी गायों को लाकर उनका चमड़ा निकालते थे और उसको बेचकर अपना गुजर-बसर करते थे।

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