चुनाव से पहले भाजपा को लगा तगड़ा झटका, 2014 लोकसभा चुनाव जिताने वाले वोटबैंक ने की बगावत

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लखनऊ नोएडा, कहते हैं उत्तर प्रदेश की सियासत पल पल रंग बदलती है। कब किस करवट बैठेगी कोई अनुमान नहीं लगा सकता है। भाजपा का वोटबैंक कहे जाने वाला जाट समाज भाजपा से ही बगावत कर देगा वो भी चुनाव के समय ये भाजपा ने भी नहीं सोचा होगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा का बेस वोटबैंक अब भाजपा से बगावत के मूड में है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले चरण में 11 फरवरी को वोट डाले जानें है। पश्चिमी यूपी में तकरीबन 50 ऐसी विधानसभा सीटें हैं, जहां जाट जीत और हार के लिहाज से बेहद मायने रखते हैं। जाटों ने चुनाव से पहले भाजपा को तगड़ा झटका देते हुए बगावत का ऐलान कर दिया है।

मुजफ्फरनगर के खरड़ गांव में जाट संकल्प रैली करके जाट समुदाय के लोगों ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोलने का फैसला किया है। बीजेपी के विरोध का सीधा कनेक्शन पिछले साल के हरियाणा कांड से है। तब जाट समुदाय के लोग आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे. जो बाद में हिंसक हो गया था। इस मामले में पुलिस ने समुदाय के लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था जो यूपी में विरोध की बड़ी वजह है।

आंकड़े गवाह हैं कि यूपी के विधानसभा चुनाव में जाट वोट कितना मायने रखता है। यूपी में तकरीबन 125 सीटें ऐसी हैं, जहां जाट वोटर मौजूद हैं। इसके अलावा तकरीबन 50 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर जाट वोट 20 फीसदी या इससे ज़्यादा हैं। फिलहाल जाट समुदाय का ये विरोध कितना असर दिखाता है देखने वाली बात होगी।

जाटों के बगावती रुख अपनाने से भाजपा को 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बुरी हार का सामना करना पड़ सकता है। वेस्ट यूपी में जाटों 2014 के लोकसभा चुनावों में एकतरफा वोट किया था भाजपा को जिसकी वजह से वेस्ट यूपी की सारी लोकसभा सीटें जीती थी।

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