गोरखपुर की बेटी कंचन यादव ने इंटरनेशनल ताइक्वांडो मुकाबले में रजत पदक जीत बढ़ाया जिले और प्रदेश का नाम !

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गोरखपुर, संतकबीरनगर जिले का बाराखाल गांव जो देवी माँ के चमत्कारों के लिए जाना जाता रहा है पर अब उसकी अब एक नई पहचान बन गई है कंचन यादव जिन्होंने हालिया समय में ताइक्वांडो खेल में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल मुकाबले में रजत पदक जीतकर जिले के साथ प्रदेश का भी नाम ऊंचा किया है !

आज से ठीक पांच वर्ष पूर्व गोरखपुर के सहजनवा थाना क्षेत्र के पिपरा गांव से व्याह कर बाराखाल गांव आने के बाद कंचन यादव कुछ दिनों बाद अपने पति सॉफ्टवेयर डेवलपर व समाजसेवी राजू रंजन यादव के साथ दिल्ली चली आई। जहाँ कुछ ही दिनों की ट्रेनिंग के बाद कंचन यादव ने ताइक्वांडो गेम के कई लोकल और नेशनल मुकाबले में जीत दर्ज कर खुद को साबित किया।

ताइक्वांडो में मजबूती के साथ अपना कदम आगे बढ़ाते हुए कंचन यादव ने जिस अंदाज में इंटरनेशनल ताइक्वांडो मुकाबले में रजत पदक अपने नाम किया उसे देखकर उनके ट्रेनर भी दंग रह गए ! बहुत ही काम समय में ही इस तरह के खेल में उच्च कीर्तिमान स्थापित करने वाली कंचन यादव की इच्छा ओलम्पिक में खेलने की है जिसके तहत आजकल वो अपने ट्रेनर से कड़ी ट्रेनिंग ले रही है!

बचपन से ही बहुमुखी प्रतिभा की धनी कंचन यादव के जज्बे को देखकर उनके पिता प्रसिद्ध विरहा गायक व समाजवादी नेता पूर्व प्रधान जय प्रकाश यादव के मन में बेटी को इस क्षेत्र में आगे बढ़ाने की अभिलाषा तो थी किन्तु पूर्वांचल में संसाधनों की कमी के चलते वो ऐसा नहीं कर पाए ! पिता के हौसलों के साथ ससुराल पहुंची कंचन यादव को अपने पति राजू रंजन यादव से काफी स्पोर्ट मिला जिसके चलते आज वो इस मुकाम तक पहुंची !

टेलीफोनिक वार्ता के दौरान कंचन यादव ने बताया कि उनका सपना ओलम्पिक खेलने के साथ संतकबीरनगर जिले में एक ऐसे ही ट्रेनिंग सेंटर खोलने की जिसके तहत युवतियों महिलावो को सुरक्षा की दृष्टिकोण से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया जा सके !