उपचुनाव में भाजपा के छूट रहे पसीने सपा से मिल रही तगड़ी चुनौती, कांग्रेस प्रत्याशी ने उड़ाई नींद !

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सिकंदरा, कानपुर देहात की सिकंदरा विधानसभा पर हो रहे उपचुनाव में भाजपा की नींद उडी हुई है। भाजपा को यहां अपनी ही सीट बचाने के लिए पापड बेलने पड़ रहे है। आलम ये है कि भाजपा प्रत्याशी को जिताने के लिए सीएम योगी को भी प्रचार करने के लिए आना पड़ रहा है। दरअसल भाजपा विधायक मथुरा पाल के निधन के बाद रिक्त हुई सिकंदरा सीट पर हो रहे उप चुनाव में भाजपा ने मथुरा पाल के बेटे अजीत पाल को टिकट दिया है। तो सपा ने पूर्व सांसद राकेश सचान की पत्नी सीमा सचान को टिकट दिया है। जबकि कांग्रेस ने ब्राह्मण कैंडिडेट प्रभाकर पांडेय को उतारकर भाजपा का पूरा खेल बिगाड़ दिया है। जबकि बसपा ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है।

सिकंदरा सीट पर करीब 35000 कुर्मी वोटर है। जिनका एकतरफा समर्थन सपा को मिल रहा है। यहां पर करीब 25000 यादव वोटर हैं और करीब 35000 मुस्लिम वोटर हैं। कुर्मी, यादव और मुस्लिम वोटरों के समर्थन से सपा प्रत्याशी अन्य प्रत्याशियों से मुकाबले में सबसे आगे चल रहीं हैं। यहां पर दलित वोटरों की संख्या करीब 60000 के आस पास है। जिस ओर दलित वोट झुकेगा उसकी जीत तय मानी जा रही है।

जबकि यहां पर कांग्रेस द्वारा ब्राह्मण प्रत्याशी उतारने से भाजपा का सारा गणित बिगड़ गया है। भाजपा का कोर वोटर ब्राहण है जिसपर कांग्रेस सेंधमारी कर रही है जिसका सीधा फायदा सपा को मिलता दिख रहा है। ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक़ यहां पर दलितों का समर्थन भी सपा प्रत्याशी को मिल रहा है। बसपा का प्रत्याशी न होने से बसपा का कैडर सपा का समर्थन करता दिख रहा है। जिससे भाजपा में बेचैनी बढ़ी हुई है। इसी के चलते सीम योगी आदित्यनाथ को उपचुनाव तक में प्रचार के लिए बुलाना पड़ रहा है। अब देखने वाली बात यह है कि चुनाव में पिछड़ रहे भाजपा प्रत्याशी को मुख्यमंत्री कितना मुकाबले में ला सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक स्थानीय नेताओं की मांग पर सीएम का कार्यक्रम सिकंदरा के राजपुर में लगाया गया है जिससे वोटों का बिखराव रोका जा सके। जानकारी के मुताबिक रविवार को योगी आदित्यनाथ रैली करेंगे। इसके अलावा भाजपा ने कानपुर से मेयर का चुनाव जीतने वाली प्रमिला पांडेय को भी प्रचार में उतारने जा रही है ताकि ब्रह्मण वोटरों को कांग्रेस की तरफ जाने से रोक सकें। कांग्रेस प्रत्याशी प्रभाकर पांडेय ने 2017 के चुनाव में निषाद पार्टी से चुनाव लड़ कर करीब 7000 वोट लिए थे। अब कांग्रेस से टिकट मिलने पर ये संख्या बढ़ सकती है। जिसकी वजह से भाजपा खेमे में बेचैनी बढ़ी हुई है।

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