कानपुर मेयर : वैश्य और मुस्लिम समाज के खुले समर्थन ने सपा की प्रत्याशी “माया गुप्ता” को किया आगे !

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कानपुर : उत्तर प्रदेश के नगर निगम चुनाव में पहले चरण के लिए प्रचार समाप्त हो चुका है,कल 22 नवंबर को 24 जिलों में मेयर और सभासदों के पद के लिए वोट पड़ेंगे। वहीँ यूपी के सबसे बड़े महानगर कानपुर में अबकी बार समाजवादी पार्टी ने सबको परेशान कर दिया है।

वैश्य और मुस्लिम समाज ने सपा की “माया गुप्ता” को दिया अपना पूर्ण समर्थन, नगर में हैं दोनों समाज के करीब 10 लाख वोट !

बता दें कि कानपुर के मेयर पद पर समाजवादी पार्टी ने व्यापारी वर्ग से आने वाली वैश्य समाज की “माया गुप्ता” को अपना प्रत्याशी बनाया है,वहीँ वैश्य समाज ने भी समाजवादी पार्टी को खुलकर अपना समर्थन देते हुए कहा कि “हमे ख़ुशी है कि समाजवादी पार्टी ने हमारे समाज को प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया है”। इसके साथ ही वैश्य समाज ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि शहर के एक प्रतिष्ठित अखबार में छपा था कि “भाजपा में मेयर पद के लिए दो ब्राह्मण और एक क्षत्रिय प्रत्याशी पर चर्चा हुई”, हम भाजपा के लोगों से बस यही पूछना चाहते हैं कि क्या भाजपा हमें इतना कम समझती है कि हमारे समाज को टिकट देना तो दूर हमारे समाज के किसी व्यक्ति के नाम पर चर्चा तक करना उचित नहीं समझती।

वैश्य समाज के लोगों ने कहा कि – अब हमारा समाज भाजपा को ये दिखायेगा कि हम कमजोर नहीं हैं और हम अपना पूर्ण समर्थन समाजवादी पार्टी की मेयर प्रत्याशी “माया गुप्ता” को देते हैं और समाज के हर वर्ग से ये अपील करते हैं कि “माया गुप्ता” को वोट करें। बता दें कि कानपुर में वैश्य समाज के लगभग 4 लाख वोट हैं, वहीँ अन्य पिछड़े वर्ग के वोटों की संख्या भी तकरीबन 6 लाख है जिसमे 2 लाख यादव,1 लाख पाल,1 लाख कुशवाहा,1 लाख कुर्मी बिरादरी के वोट हैं जो भाजपा का समीकरण पूरी तरह बिगाड़ रहे हैं क्योंकि अन्य पिछड़ा वर्ग के वोटरों का भी रुझान समाजवादी पार्टी के पक्ष में देखा जा रहा है।

मुस्लिम समाज ने सपा प्रत्याशी “माया गुप्ता” को व्यापारी वर्ग से होने के कारण बताया अपनी “बहन”, दिया पूर्ण समर्थन का वादा !

समाजवादी पार्टी के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि कानपुर का पूरा मुस्लिम समाज एकजुट होकर “माया गुप्ता” को अपना समर्थन देने के लिए लामबंद है और उनके बड़े नेताओं का कहना है कि माया गुप्ता एक साफ़ छवि की अच्छी महिला है और सबसे बड़ी बात कि वह व्यापारी समाज से आती हैं जिसके कारण वह मुस्लिम समाज की बहन हुई क्योंकि हमारा मुस्लिम समाज सबसे ज्यादा व्यापार में अपनी भागीदारी रखता है। बता दें कि कानपुर में मुस्लिम समाज के लगभग 6 लाख वोट हैं जो माया गुप्ता को दुगनी मजबूती दे रहे हैं। वहीँ कांग्रेस प्रत्याशी मुस्लिम वोटों में अपना प्रभाव छोड़ पाने में सफल नहीं हो पायीं हैं।

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