BJP से डील के मुताबिक CBI नीतीश पर FIR दर्ज नहीं कर रही है, देखें लालू यादव ने पेश किए सबूत !

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पटना, बिहार में हुए हजारों करोड़ के सृजन घोटाले में नीत्शे कुमार घिरते जा रहे हैं। क्या सृजन घोटाला ही वजह था जिसके चलते नीतीश कुमार को महागठबंधन तोड़कर बीजेपी की अगुआई वाले NDA में शामिल होना पड़ा। गठबंधन टूटने के बाद से ही लालू प्रसाद यादव नीतीश कुमार के खिलाफ एक के बाद एक खुलासे कर रहे हैं।

लालू प्रसाद यादव द्वारा किए गए नीतीश कुमार के ऊपर चल रहे मर्डर केस के खुलासे के चलते नीतीश कुमार की कुर्सी खतरे में पड़ गयी है। एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। मर्डर केस के खुलासे के बाद लालू प्रसाद यादव एक और खुलासे के साथ सामने आएं हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए सृजन घोटाले में नीतीश कुमार के संलिप्त होने के सबूत होने के दावे किए हैं।

लालू प्रसाद यादव ने फेसबुक पे लिखा है कि, सृजन घोटाले के असल सृजनकार और घोटालेबाजों के सृजनहार नीतीश कुमार की घोटाले में संलिप्तता स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है लेकिन BJP से deal के मुताबिक़ CBI अभी उनपर FIR दर्ज नहीं कर रही है। हमारे पास इससे संबंधित सभी काग़ज़ात मौजूद है।

10 जुलाई से लेकर 29 जुलाई तक भागलपुर में चार बार चेक बाउन्स हुआ। अधिकारियों और नीतीश के निर्देश के बावजूद सृजन NGO के लोग हज़ारों करोड़ सरकारी ख़ज़ाने का रुपया लौटाने को तैयार नहीं थे।

यह बात दिल्ली में बैठे BJP के शीर्ष नेताओं को लग चुकी थी। नीतीश के पास करारा संदेश भेजा गया। इसी दौरान नीतीश चंद मिनटों के सरकारी कार्यक्रम के बहाने दिल्ली प्रवास करने लगे। इस दौरान वो चार बार दिल्ली गए।

भाजपा आलाकमान ने नीतीश को दो ऑप्शन दिए। जेल जाने का और महागठबंधन तोड़ने का।
CAG की मार्च 2008 की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से सृजन घोटाले का ज़िक्र किया गया। इस पर नीतीश ने कोई संज्ञान नहीं लिया।

2007-08 में भागलपुर के तत्कालीन DM ने सरकारी ख़ज़ाने का पैसा सृजन के अकाउंट में जमा करने पर पाबंदी लगा दी थी। फिर किसने शुरू करवाया? नीतीश ने भागीदारी के चलते कार्यवाही क्यों नहीं की?

नीतीश के अधीन आर्थिक अपराध शाखा ने तत्कालीन भू अर्जन अधिकारी जय श्री ठाकुर के खाते से सृजन के करोड़ों रुपए बरामद हुए। फिर भी नीतीश ने कोई कारवाई नहीं की?

सृजन के खाते में अवैध रूप से सरकारी पैसा जमा कराने का आदेश देने वाले ज़िला अधिकारी को नीतीश ने अपनी पार्टी से 2014 का लोकसभा चुनाव लड़वाया और अभी भी उस अधिकारी को एक महत्वपूर्ण पद दे रखा है। नीतीश बतायें उस अधिकारी से क्या साँठ-गाँठ है?

नीतीश सृजन घोटाले में बुरी तरह फँस चुके है इसलिए बौखलाहट में अनाप-शनाप बयान दे रहे है। हमें चेतावनी दे रहा है। बड़ी-बड़ी रैलीयों को नुक्कड़ नाटक बोल रहा है।

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