PM मोदी के आडवाणी को गुलदस्ता भेंट करने पर, लालू बोले- ये इतना बोल गये हैं कि खुद ही सब भूल गये !

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दिल्ली : प्रधानमंत्री मोदी जी के भाषण वैसे तो बहुत सारे होंगे क्योंकि पिछले तीन सालों में तो उनके लम्बे-लम्बे भाषणों की बयार सी लगी हुई है, शायद इसीलिए वह खुद भी भूल जाते हैं कि उन्होंने कब क्या कहा ?

लालू प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के खोखले भाषणों पर हमला बोलते हुए कहा – “जो उपदेश जनता को देते है उसका पालन वो खुद नहीं करते”। बता दें कि आपको याद होगा केरल की राजधानी कोच्चि में पी.एन.पनिकर राष्ट्रीय पठन दिवस समारोह के उद्घाटन के मौके पर हमारे भाषण वाले प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा था कि मैं देश के लोगों से अपील करता हूं कि वे शुभकामना स्वरूप पुष्प गुच्छ देने के बजाय पुस्तक भेंट करें। लेकिन खुद एक बार भी ऐसा नहीं किया होगा पीएम मोदी ने।

गौरतलब है कि 8 नवंबर को बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी जी भी एक कार्यक्रम के मंच पर मौजूद थे और उसी दिन उनका जन्मदिन भी था, इस मौके पर पीएम मोदी उनसे मिलने पहुंचे। पीएम मोदी भाजपा के वयोवृद्ध नेता लाल कृष्ण आडवाणी के लिए किताबों की जगह लाल गुलाबों का सुन्दर गुलदस्ता लेकर गए थें।

यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग पूछ रहे हैं कि बुके की जगह किताबें (बुक्स) वाले उपदेश का क्या हुआ, क्या वो भी जुमला था ?

राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने भी इस तस्वीर को ट्वीटर पर शेयर करते हुए लिखा कि ”आपने मन की बात में ‘बुके’ की जगह ‘बुक्स’ देनी की बात कही थी। अमल होना चाहिए अन्यथा वह “बेबात की बात” कहलाएगी।”

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लालू प्रसाद ने कहा कि मार्गदर्शक की भूमिका में भले ही लालकृष्ण आडवाणी को रखने का भाजपा द्वारा ऐलान किया गया हो लेकिन पार्टी ने उन्हें पूरी तरह से दरकिनार कर दिया है। जब से इस नए नेतृत्व के हाथ में भाजपा की कमान आयी है, लालकृष्ण आडवाणी सहित भाजपा के सभी वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार कर दिया गया है। ऐसा लगता है कि लालकृष्ण आडवाणी को राजनीति से जबरिया सन्यास दिलाने का ये मन बना चुके हैं।

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