महाराष्ट्र निकाय चुनाव में बीजेपी की हुई बुरी हार, सारे मुस्लिम प्रत्याशी हारे, मुस्लिम कार्ड हुआ फेल !

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लखनऊ, मुंबई निगम चुनाव में जीत का परचम लहराने वाली बीजेपी को मालेगांव और भिवंडी में बुरी हार का सामना करना पड़ा है। 3 महीने के अंदर हुए चुनाव में बीजेपी की यह बड़ी हार मानी जा सकती है। महाराष्ट्र में 24 मई को हुए मालेगांव, भिवंडी और पनवेल निकाय चुनावों के नतीजे कांग्रेस के लिए अच्छी खबर लेकर आये हैं। कांग्रेस ने भिवंडी-निजामपुर में बहुमत हासिल किया है। तो वहीं मालेगांव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पनवेल निकाय चुनावों में भाजपा ने बाजी मारी।

भिवंडी में 90 सीटों में से कांग्रेस ने 47 पर जीत दर्ज की है। वहीं भाजपा 19 सीट के साथ दूसरे पायदान पर रही। शिवसेना को 12 सीटें मिलीं। शरद पवार की राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का यहां सफाया हो गया और उसे एक भी सीट नहीं मिली। यहां पर अन्‍य पार्टियों के खाते में 10 सीटें गई हैं।

उधर, पनवेल निकाय की 78 सीटों में से 51 भाजपा के पाले में गईं। शेतकारी कामगार पक्ष (शेकाप) 23 सीट जीतकर दूसरे नंबर पर रही। कांग्रेस और एनसीपी जैसी बड़ी पार्टियां केवल 2-2 सीटों पर सिमट गई। शिवसेना का यहां खाता भी नहीं खुला।

मालेगांव की बात करें तो यहां कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। उसे 84 में से 28 सीट मिली है। एनसीपी के 20 उम्‍मीदवार विजयी रहे और वह दूसरे नंबर पर रही। भाजपा के लिए मालेगांव के नतीजे अपेक्षानुरूप नहीं रहे। उसके केवल नौ उम्‍मीदवार विजय हासिल कर पाए।

मालेगांव निकाय चुनावों के लिए भाजपा ने मुस्लिम कार्ड खेलते हुए बड़ी संख्‍या में मुस्लिम उम्‍मीदवारों को टिकट दिया था यहां पर भाजपा ने 27 मुस्लिम प्रत्याशी उतारे थे भाजपा के सारे मुस्लिम प्रत्याशी यहां से हार गए हैं। यहां पर शिवसेना को 13 और ऑल इंडिया मजलिस ए इत्‍तेहाद उल मुसलिमीन (एआईएमआईएम) को 7 सीटों पर जीत मिली।

इन तीनों नगर निगम चुनावों में कुल 1251 उम्मीदवार मैदान में थे। बीजेपी ने 189, कांग्रेस ने 152, शिवसेना ने 144 उम्मीदवारे मैदान में उतारे थे। वहीं, एआईएमआईएम ने भिवंडी से 9, मालेगांव में 37 और एमएनएस ने भिवंडी से 7, पनवेल से 25 उम्मीदवार खड़े किए थे. यहां 252 सीटों पर 12.96 लाख वोटर थे।

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