नोटबंदी शब्द से घबराई मोदी सरकार, नोटबंदी शब्द के इस्तेमाल पर लगाई रोक

0
58

नोएडा, 8 नवंबर को पीएम मोदी के जनता के नाम सन्देश के लाइव प्रसारण में कहा गया कि आज रात 12 बजे के बाद 1000 और 500 के नोट लीगल टेंडर नहीं रहेंगे। यानि ये नोट बंद कर दिये गए। इसके पीछे बताया गया कि इससे कालेधन, आतंकवाद और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

लेकिन आरबीआई द्वारा जारी किये गए आंकड़ों के मुताबिक 12.44 लाख करोड़ रूपये 8 नवम्बर के बाद से बैंकों में जमा हो चुका है। आरबीआई द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार सरकार को कालाधन बहार निकलने में कोई बड़ी कामयाबी हासिल नहीं हो पाई है।

आतंकवाद पर रोक के दावे की भी हवा निकल गयी है कश्मीर में मारे गए एक आतंकवादी के पास से भी 2000 के नए नोट मिल चुके है और घाटी पर रोज कोई न कोई आतंकवादी घटना घट रही है। अभी तक 42 दिन हो चुके हैं और सरकार नियम बदलने का अर्धशतक पार कर चुकी है।

दरअसल पीएम का यह फैसला शुरूआत से ही संदिग्धता के घेरे में रहा है। नोटबंदी के चंद दिन बाद ही दूरदर्शन के पत्रकार सत्येंद्र मुरली ने प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाया था कि पीएम का रिकॉर्डेड भाषण लाइव बैंड के साथ प्रसारित किया गया था। इसमें उन्होंने कहा कि यह सरासर जनता के साथ धोखा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब मोदी सरकार नोटबंदी शब्द से ही बहुत ज्यादा डरने लगी है। इसके लिए 22 नवंबर को दूरदर्शन समाचार ने अपने एंकर, रिपोर्टर्स और सारे स्टाफ को नोटबंदी शब्द का इस्तेमाल न करने की सख्त गाइडलाइन जारी की है।

आपको बता दें कि दूरदर्शन सरकारी चैनल है। तब इसके लिए गाइडलाइन भी सरकार के निर्देश पर ही जारी की गई होगी। अभी तक ज्यादातर मीडिया चैनल, प्रिंट और वेब में नोटबंदी शब्द का ही इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन यह गाइडलाइन यह सवाल ख

Loading...