मेट्रो ट्रेन का किराया बढ़ने से 3 लाख लोगों ने मेट्रो त्यागी, PM अरबों की बुलेट ट्रेन चलाने जा रहे हैं !

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The Prime Minister, Shri Narendra Modi and the Prime Minister of Japan, Mr. Shinzo Abe boarding the Shinkansen bullet train to Kobe from at Tokyo Station, in Japan on November 12, 2016.

नई दिल्ली, भारत के प्रधानमंत्री ने तथाकथित चाय बेची गरीबी में जीवन यापन किया और सपना देखा देश में बुलेट ट्रेन चलाने का मगर दिल्ली में पहले से चल रही मेट्रो ट्रेन का किराया इतना बढ़ा दिया कि आम जनता ने मेट्रो से चलना ही छोड़ दिया। जी हां मेट्रो के किराए की इतनी मार पड़ी कि डेली बेसिस पर मेट्रो में यात्रा करने वाली आम जनता ने मेट्रो को बाय बाय कह दिया। जितनी रफ्तार से मेट्रो का किराया बढ़ाया गया उस रफ्तार से आम जनता की तनख्वाह तो नहीं बढ़ी जिसकी वजह से आम पब्लिक ने मेट्रो की जगह बाइक्स और दूसरे संसाधनों का प्रयोग कर रही है।

जब पेट्रोल और डीजल के दामों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार घिरी तो उसने इनके दामों में कमी कर दी अब इनकी कमाई का जरिया कम हुआ तो इन्होने प्रतिदिन लाखों लोगों को दिल्ली के एक छोर से दूसरे छोर की यात्रा करवाने वाली मेट्रो पर नजर गड़ा ली और मेट्रो के किराये में दुगने से भी ज्यादा की बढ़ोत्तरी कर दी। ताकि सरकारी तिजोरी भरी जा सके और आम पब्लिक का खून चूसा जा सके।

लेकिन मोदी सरकार की खजाना भरने की ये चाल उलटी पड़ गयी इसकी वजह से दिल्ली मेट्रो में किराया बढ़ने के बाद रोजाना 3 लाख यात्री कम हो गए हैं। एक आरटीआई के जरिये पूछे गए सवाल में खुलासा हुआ है कि 10 अक्टूबर को मेट्रो के किराये में भारी बढ़ोत्तरी करने के बाद से रोज यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में 3 लाख की गिरावट आई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर में मेट्रो से यात्रा करने वाली सवारियों की संख्या लगभग 27.4 लाख थी, जो किराया बढ़ने के बाद से ही 11 प्रतिशत के गिरावट के साथ 24.2 लाख पर आ गई। पीटीआई की ओर से दाखिल की गई आरटीआई में ये आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो के सबसे व्यस्ततम ब्लू लाइन पर लगभग 30 लाख लोगों ने मेट्रो लेना बंद कर दिया। वहीं, ब्लू लाइन के बाद दूसरे नंबर पर व्यस्त रहने वाली येलो लाइन की सवारियों में भी 19 लाख की कमी आई है।

गौरतलब है कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने बीते माह 10 अक्टूबर को किराया बढ़ाया था। किराया बढ़ने के बाद पांच किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय करने वाला हर यात्री प्रभावित हुआ है जबकि 32 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा के लिए अधिकतम किराया अब 60 रुपए है जो की पहले 25 रुपए मात्र था।

आपको बता दें कि दिल्ली मेट्रो का किराया दुनिया के बड़े शहरों की मेट्रो के मुकाबले ज्यादा है। दिल्ली मेट्रो का किराया बीजिंग, न्यूयॉर्क और पेरिस जैसे शहरों की मेट्रो के किराये से तीन गुना ज्यादा हो गया है।

जब आम आदमी मेट्रो के बढे किराए को वहन नहीं कर सकता है तो वहीं दूसरी तरफ पीएम मोदी जापान के साथ मिलकर मेट्रो से 100 गुना महंगे किराए वाली बुलेट ट्रेन किसके लिए चलाने जा रहे हैं। जाहिर है उसमें आम आदमी तो नहीं चल पाएगा जब आम आदमी मेट्रो के बढे कियाए की वजह से मेट्रो से दूरी बनाने लगा है तो बुलेट ट्रेन में चलना तो उसके लिए सपने जैसी बात है।

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