मोदी ने जनता को बनाया ‘कोल्हू का बैल’,ATM में कैश है नहीं,वहीँ अब प्रति ट्रांजेक्शन देने होंगे 20रु अधिक !

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दिल्ली : केंद्र में जब से मोदी सरकार सत्ता में आयी है, तब से लगातार जनता को किसी न किसी रूप में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जहाँ देश की जनता ने नोटबंदी की मार झेली, वहीँ देश का हर छोटा-बड़ा व्यापारी GST से आज भी परेशान है। एक आंकड़ें के अनुसार नोटबंदी और GST के लागू होने से करोड़ों लोगों के रोजगार ख़त्म हो गए, तथा कई देशवासियों की या तो लईनों में खड़े-खड़े जान चली गयी या किसी ने आत्मदाह कर लिया । आज देश के 11 राज्यों में कैश की कमी से जूझ रहे बैंक कस्टमर्स को जल्दी ही एक बड़ा झटका मिलने वाला है। सूत्रों के अनुसार 5 से अधिक ATM ट्रांजेक्शन करने वाले ग्राहकों को अब आगे चलकर 20 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन खर्च करने होंगे।

ATM से पैसे निकालने का खर्च अभी कुछ इस तरह है –

वर्तमान में सभी बैंक एटीएम पर होने वाले कैश ट्रांजेक्शन के लिए 15 रुपये और नॉन कैश ट्रांजेक्शन करने पर खाते से 5 रुपये काटते हैं। यह चार्ज हर महीने फ्री में मिलने वाले ट्रांजेक्शन के ऊपर लगता है।

जाने मोदी सरकार की सरपरस्ती में बैंकों ने क्यों बढ़ाया खर्च –

रिजर्व बैंक ने ATM पर होने वाले ट्रांजेक्शन के लिए काफी कड़े नियम बना दिए हैं, जिसके बाद एटीएम ऑपरेटर्स ट्रांजेक्शन चार्ज बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। एटीएम इंडस्ट्री ने ट्रांजेक्शन पर 3-5 रुपये बढ़ाने की मांग की है, ताकि वो अपने खर्चों को पूरा कर सके। सीएटीएमआई के निदेशक के श्रीनिवासन ने कहा एटीएम ऑपरेटर्स के खर्चे पहले ही काफी बढ़ चुके हैं।

इसी साल जुलाई तक लागू करने होंगे नए नियम –

आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि वो नए नियमों को जुलाई तक लागू कर दें। कैश वैन के लिए बनाए गए इन नियमों के अनुसार कैश मैनेजमेंट कंपनियों के पास में कम से कम 300 कैश वैन, प्रत्येक कैश वैन में एक ड्राइवर, दो कस्टोडियन और दो बंदूकधारी गार्ड होने चाहिए ताकि कैश की सुरक्षा हो सके।

इसके साथ ही प्रत्येक गाड़ी में जीपीएस, लाइव मॉनेटरिंग के साथ भू मैपिंग और नजदीकी पुलिस स्टेशन का पता होना चाहिए ताकि इमरजेंसी के वक्त मदद ली जा सके। इसके साथ ही आरबीआई ने कहा है कि एटीएम का ऑपरेशन केवल वो ही व्यक्ति कर सकेगा, जिसने ट्रेनिंग के बाद सर्टिफिकेट हासिल किया हो।

कुल 19 कंपनियों के हाथ में है देश के ATM का पूरा कैश मैनेजमेंट –

अभी देश में 19 कंपनियां एटीएम में कैश मैनेजमेंट का काम देख रही हैं। इन कंपनियों के अलावा सभी बैंकों का खर्चा भी काफी बढ़ जाएगा। इसके अलावा आरबीआई ने सभी बैंकों को मशीन के अंदर नोट भरने के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली कैसेट को भी सीलबंद करने और खाली हो जाने के बाद भरी हुई कैसेट से बदलने का निर्देश जारी कर दिया है।

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