उत्तर प्रदेश में OBC /SC पर योगी सरकार का बड़ा हमला, 61 जजों में 52 सवर्ण किये भर्ती, OBC /SC मौन !

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 “गैर यादव पिछड़ी जातियों में यादवों के प्रति नफरत भड़का कर भाजपा ने इनका वोट बैंक हथिया कर सत्ता को प्राप्त किया और उसी पिछड़े वर्ग को जजों की भर्ती में सरेआम ठग लिया ।”

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लखनऊ, भवन निर्माण मजदूर कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष जगत सिंह यादव ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने सुनियोजित और कूटरचित तरीके से मीडिया में यह झूठी खबर फैलाई कि लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सचिव अनिल यादव ने 86 SDM में 56 सिर्फ यादवों को चयनित करा दिया। इसके बाद RSS कार्यकर्ताओं ने रातों-रात यूपी लोक सेवा आयोग के बोर्ड पर “यादव आयोग” लिख दिया। जगत सिंह यादव ने अपने बयान में कहा कि ,”गैर यादव पिछड़ी जातियों में यादवों के प्रति नफरत भड़का कर भाजपा ने इनका वोट बैंक हथिया कर सत्ता को प्राप्त किया और उसी पिछड़े वर्ग को जजों की भर्ती में सरेआम ठग लिया ।” जबकि सच्चाई यह रही कि अनिल यादव के कार्यकाल में कुल 98 SDM चयनित हुए, जिसमें मात्र 14 यादव और 29 गैर यादव पिछड़ी जातियों के हुए थे। अभी 24 मार्च, 2017 को उच्च न्यायिक सेवा का परिणाम घोषित हुआ है, जिसमें 61 जजों में 52 सवर्ण चयनित हुए हैं जबकि एक पिछड़े मुस्लिम सहित कुल नौ पिछड़े चयनित हुए हैं। क्या यह सवर्णवाद के साथ ठाकुरवाद/पंडितवाद नहीं है ?”

उन्होंने कहा कि जब 86 SDM में 56 यादव चयनित होने का झूठा मुद्दा उठाकर बवाल मचाया गया और गैर यादव पिछड़ी जातियों में यादवों के प्रति नफरत पैदा कराई गई तो 61 जजों में 52 सिर्फ सवर्ण जाति के चयनित हुए हैं, इस पर योगी सरकार और RSS के द्वारा चुप्पी क्यों साधी गई है ?

यादव ने कहा, “SDM चयन में और अन्य नौकरियों में सिर्फ यादवों की भर्ती का जो माहौल बनाकर गैर यादव पिछड़ी, अति पिछड़ी जातियों में जो नफरत पैदा की गई और लोक सेवा आयोग के बोर्ड पर यादव सेवा आयोग लिखा गया, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार उन सभी नौकरियों पर श्वेत पत्र जारी करे जिस पर RSS और BJP के लोगों ने धांधली का आरोप लगाया था ” और सपा सरकार में अपने द्वारा लगाये हुए सभी आरोपों को सही साबित करें,अगर RSS और BJP के लोग ऐसा नहीं कर पाते हैं तो इन्हे पूरे देश के सामने माफ़ी मांगनी चाहिए।

इसके साथ यादव ने कहा कि “सभी पिछड़ी और अति पिछड़ी जातियों के साथ दलितों को भी जजों की योगी सरकार की इस नयी भर्ती के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए,जिसमे एक तरफा 61 जजों में 52 सिर्फ सवर्ण जाति के लोगों को भर्ती किया गया है। अगर अभी भी OBC और दलितों के अंदर का ज़मीर और जोश ना जागा तो आगे चलकर ये RSS और BJP के लोग देश से आरक्षण को ही ख़तम कर देंगे,जिससे OBC और दलितों की आज तक की मेहनत बर्बाद हो जाएगी और उनकी आने वाली नस्लें फिर से इस देश में सवर्णों की गुलामी करेंगी।

आज OBC और दलितों को लोक सेवा आयोग के सामने पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव के द्वारा लागु किया गए त्रिस्तरीय आरक्षण की मांग को फिर से उठाना चाहिए क्योंकि यह मांग OBC और दलितों के हित में हैं

उन्होंने बताया, “माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद 1993 में मंडल कमीशन के तहत अन्य पिछड़े वर्ग की जातियों को शिक्षा और सेवायोजन में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया लेकिन अभी भी इन्हें मात्र 8.6 प्रतिशत ही प्रतिनिधित्व मिल पाया है। आखिर इसका क्या कारण है ?

क्या केंद्र सरकार अन्य पिछड़े वर्ग और दलितों के लिए बैकलॉग भर्ती शुरू कर, इनका कोटा पूरा करेगी ? क्या अपने को पिछड़ी जाति का बताने वाले मोदी जी OBC और दलितों की जातिवार जनगणना रिपोर्ट उजागर करेंगे ?” और अगर जातिवार जनगणना रिपोर्ट उजागर नहीं करनी थी तो सरकार का करोड़ों रूपये क्यों बर्बाद किया गया,जनता के बर्बाद हुए पैसे का हर्जाना कौन भरेगा ?