यूपी के सपूत वा सच्चे देशभक्त कैप्टन “आयुष यादव” कुपवाड़ा में शहीद हुये,यादववाद कहने वाले आज कहाँ है?

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कानपुर : जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में आज सुबह फिदायीन हमले में शहीद हुए कैप्टन आयुष यादव के घर पर उसके शहीद होने की सूचना पहुंचते ही मातम फ़ैल गया, शहीद के घर में रोना पीटना शुरु हो गया, आयुष के घर कानपुर में सेना के कर्नल दुष्यन्त सिंह ने उसके शहीद होने की सूचना दी ।

बता दें कि आयुष के पिता अरुण कान्त यादव यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर है, वह इस समय चित्रकूट में तैनात है आयुष अपने पिता की इकलौते बेटे थे, आयुष की एक बहन और है । पिता के सिर पर एकलौते बेटे के शहीद होने का गम इतना भारी पड़ा है कि जबान से कोई शब्द नहीं निकल रहे है उनका कहना है कि कल शाम को उसने फोन पर बात की थी और हम लोगो को कश्मीर में घूमने को बुलाया था।

उनके पिता ने कहा कि मैंने कहा कि वहां पर पत्थर चल रहे है तो उसने हंसते हुए कहा कि मैं कुपवाड़ा कैम्प में हूं, आप लोग क्यों चिंता करते हो पिता ने रोते हुए सरकार से एक सवाल पूछा है आखिर कब तक ऐसे ही सैनिक मरवाते रहोगे मैंने तो अपना बेटा खो दिया,थम नहीं रहा अफसरोंं और जवानों की शहादत का सिलसिला।

कुछ वर्ष पहले ही हुए थे कमीशंड —-

कैप्‍टन आयुष की उम्र सिर्फ 26 वर्ष थी और वह कुछ वर्षों पहले ही सेना में कमीशंड हुए थे। कैप्‍टन आयुष के साथ एक जूनियर कमांडिंग ऑफिसर (जेसीओ) और एक जवान भी शहीद हो गया है। कैप्‍टन आयुष इस वर्ष किसी आतंकी हमले में शहीद होने वाले इंडियन आर्मी के दूसरे ऑफिसर हैं। उनसे पहले फरवरी में मेजर सतीश दाहिया हंदवाड़ा में हुए एक एनकाउंटर में शहीद हो गए थे। इसके अलावा एक और ऑफिसर मेजर अमरदीप सिंह चहल 23 फरवरी को जम्‍मू कश्‍मीर के शोपियां में इंडियन आर्मी की पेट्रोलिंग पार्टी पर एक आतंकी हमले में बुरी तरह जख्‍मी हो गए थे। मेजर चहल फिलहाल खतरे से बाहर हैं और अभी रिसर्च एंड रेफरल हॉस्पिटल में भर्ती हैं। उनके सिर में गोली लगने के बाद उन्‍हें एयरलिफ्ट करके अस्‍पताल लाया गया था।

पिछले वर्ष सबसे ज्‍यादा ऑफिसर शहीद —-

पिछले वर्ष इंडियन आर्मी ने अपने कई युवा ऑफिसर्स को आतंकी हमलों में गंवा दिया था। शुरुआत फरवरी 2016 में पंपोर आतंकी हमले से हुई थी जिसमें कैप्‍टन तुषार महाजन और कैप्‍टन पवन बेनीवाल शहीद हुए थे। वहीं इस वर्ष का अंत नगरोटा में हुए आतंकी हमले के साथ हुआ था। इस हमले में इंडियन आर्मी ने अपने पांच ऑफिसर्स की शहादत थी। फिलहाल कैप्‍टन आयुष के बारे में हम और ज्‍यादा जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इतनी कम उम्र में देश के लिए शहीद होने वाले इस बहादुर को हमारा नमन।

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