क्या सीएम योगी को दलितों से आती है बदबू? प्रशासन का आदेश- नहाकर, पाउडर-सेंट लगाकर पास जाएं

0
267

लखनऊ, “सबका साथ सबका विकास” 2014 में पीएम मोदी द्वारा दिया गया नारा जिसका उपयोग 2017 के यूपी विधानसभा चुंकव में भी किया गया। यूपी में सरकार बनाने के बाद से बीजेपी इस नारे पर खरी उतरती नहीं दिख रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश जातीय हिंसा की आग में झुलस रहा है। जहाँ दलितों के ऊपर अत्याचार हो रहा है। उत्तर प्रदेश में दलितों पर हो रहे हमलों ने योगी सरकार के दलित विरोधी चेहरे को उजागर कर दिया है। सहारनपुर में दलितों पर अत्याचार के बाद अब एक ऐसा मामला सामने आया है जो योगी सरकार के भेदभाव की पोल खोल रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुछ अधिकारियों ने मुसहर समाज के लोगों को कुछ ऐसी हिदायतें दी जो इस बात को प्रमाणित कर देता है कि आज भी दलितों के साथ कितना भेदभाव किया जाता है। ‘मुख्यमंत्री के पास जाना तो नहाकर, पाउडर लगाकर जाना। कुछ इसी तरह की हिदायतें कुशीनगर के मैनपुरकोट की मुसहर बस्ती के गरीब मुसहरों को आला अधिकारियों से मिली। प्रशासन ने मुसहरों को साबुन, शैंपू, पाउडर व इत्र बांटी और यह साफ तौर पर कहा कि मुख्यमंत्री के निरीक्षण के पहले सभी इसका इस्तेमाल कर साफ-सुथरे बन जाए।

बता दें कि गुरूवार की सुबह सीएम योगी आदित्यनाथ कुशीनगर के मैनपुर कोट गांव की मुसहर बस्ती में निरीक्षण करने वाले थे। करीब 25 मिनट के इस कार्यक्रम में कोई खामी न रह जाए इसके लिए प्रशासन कई दिनों से लगा हुआ था। विकास से कोसों दूर रहे इस गांव में कई दिनों से एक-एक अफसर लगकर काम करवा रहा है। कोई मुसहरों का शौचालय बनवा रहा है तो कोई सड़क-खड़ंजा का काम करवा रहा है। नाली सफाई से लेकर मुसहरों के घर के भीतर भी विभिन्न विभागों के कर्मचारी लगकर साफ सुथरा करवा रहे हैं।

गांव के एक दलित बुजुर्ग का कहना है कि साहब लोग आए हैं और साबुन, शैंपू, पाउडर व सेंट बांटे। कहे कि इ सब लगाकर मुख्यमंत्री के पास जाना। वह बताते हैं कि कर्मचारी लगे है, घर के अंदर सफाई करवा रहे हैं।

मुख्यमंत्री के पास इत्र और पाउडर लगाकर जाने का मुसहरों को आदेश दे आखिर अधिकारी क्या दर्शाना चाहते हैं। क्या यह आदेश सीएम हाउस से आया है। एक साधू और महंत के लिए जातिवादी सोच शोभा नहीं देती।

Loading...